शेयर बाजार की गिरावट के बीच अगर आप निवेश के लिए नए अवसर की तलाश कर रहे हैं तो ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड का कॉन्ट्रा फंड आपकी मुश्किल आसान कर सकता है. यह एक ओपनएंडेड इक्विटी स्कीम है, जो कॉन्ट्रा निवेश रणनीति के तहत काम करेगी. इस फंड का न्यू फंड ऑफर 28 सितंबर को निवेश के लिए खुला था और 12 अक्टूबर को बंद होगा.

इस फंड का मकसद ऐसी कंपनियों और सेक्टरों में निवेश के मौके तलाशना है, जिन्हें फिलहाल शेयर बाजार में ज्यादा पसंद नहीं किया जा रहा है. इसके अलावा, यह उन कंपनियों पर भी ध्यान देगा जिनके शेयरों की कीमत उनके कारोबार की असल क्षमता से कम हो सकती है. फंड हाउस का मानना है कि अगर किसी कंपनी के कारोबार में सुधार होता है, उसकी कमाई बढ़ती है या निवेशकों का भरोसा लौटता है, तो उसके शेयर की कीमत में भी बढ़ोतरी हो सकती है. हालांकि, ऐसा होना तय नहीं है और इसमें समय भी लग सकता है. इस फंड का प्रबंधन शंकरन नरेन, धर्मेश कक्कड़, साक्षत गोयल और गौरव चिकाने करेंगे.
कैसे काम करेगी कॉन्ट्रा निवेश रणनीति?
कॉन्ट्रा निवेश रणनीति में निवेशक उन शेयरों और सेक्टरों पर ध्यान देते हैं, जिन्हें बाजार में फिलहाल ज्यादा अहमियत नहीं मिल रही होती. इसका मकसद ऐसे निवेश के मौके तलाशना है, जहां कंपनी की असल क्षमता और शेयर की मौजूदा कीमत के बीच अंतर दिखाई देता हो. ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के मुताबिक, निवेश के मौके तलाशने के लिए VCTS फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा. इसमें चार चीजों पर ध्यान दिया जाएगा. वैल्यूएशन, बिजनेस साइकिल, संभावित बदलाव के संकेत और निवेशकों का सेंटीमेंट यानी बाजार में उनकी सोच.
गिरते बाजार में मिलेगा फायदा
अगर किसी सेक्टर में मंदी के कारण शेयरों की कीमत गिर गई है, लेकिन कारोबार में सुधार की संभावना बनी हुई है, तो फंड ऐसे शेयरों पर विचार कर सकता है. इसी तरह, निवेशकों की कमजोर धारणा के कारण कम कीमत पर कारोबार कर रहे शेयर भी इसके दायरे में आ सकते हैं. फंड को अलगअलग सेक्टरों और बड़ी, मझोली व छोटी कंपनियों में निवेश करने की छूट होगी. फंड मैनेजर शंकरन नरेन के मुताबिक, इसका ध्यान किसी खास साइज की कंपनियों तक सीमित रहने के बजाय कमजोर प्रदर्शन करने वाले शेयरों में अवसर तलाशने पर होगा. हालांकि, नरेन ने कहा कि कॉन्ट्रा निवेश का मतलब सिर्फ सस्ते शेयर खरीदना नहीं है. इसके लिए डीप रिसर्च और लंबे समय तक निवेश बनाए रखने की सोच जरूरी है.
निवेश से पहले इन बातों का रखा जाएगा ध्यान
- पोर्टफोलियो तैयार करने के लिए फंड हाउस CLOUD अप्रोच अपनाएगा. इसके तहत पांच प्रमुख बातों पर ध्यान दिया जाएगा.
- निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति और शेयर की कीमत का विश्लेषण किया जाएगा.
- कंपनी पर कितना कर्ज है और वह उसे चुकाने की स्थिति में है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी.
- कंपनी में संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी पर भी ध्यान दिया जाएगा.कम संस्थागत हिस्सेदारी को एक संभावित संकेत माना जा सकता है, लेकिन यह अपने आप में निवेश का आधार नहीं होगा.
- कंपनी के कारोबार और निवेश से जुड़ी उम्मीदों के आधार पर शेयर में संभावित बढ़त का आकलन किया जाएगा.
- यह देखा जाएगा कि नई तकनीक, कारोबारी बदलाव या दूसरी चुनौतियां कंपनी के भविष्य को किस तरह प्रभावित कर सकती हैं.
किन निवेशकों के लिए है यह फंड?
यह फंड उन निवेशकों के लिए बनाया गया है, जो लंबे समय तक निवेश बनाए रख सकते हैं और बाजार में उतारचढ़ाव के दौरान धैर्य रख सकते हैं. कॉन्ट्रा रणनीति में निवेश का फायदा मिलने में समय लग सकता है, क्योंकि कंपनी के कारोबार में सुधार और निवेशकों का भरोसा लौटने में देरी हो सकती है.



