₹100 Daily SIP: आजकल हर किसी को अपने भविष्य की चिंता रहती हैं और हर कोई करोड़पति बनने का सपना देखता हैं। ऐसे में हर कोई अपने पैसे को ऐसी जगह निवेश करना चाहते हैं, जिससे फ्यूचर या रिटायरमेंट के बाद बेहतर रिटर्न मिल सकें।

कई बार कम पैसे होने की वजह से लोग सोचते हैं इतने कम पैसे में वो SIP नहीं कर सकते हैं। ऐसे में चिंता करने की कोई जरुरत नहीं हैं, अगर आप हर दिन सिर्फ 100 रुपये की ही बचत कर सकते हैं तो भी आप करोड़पति बन सकते हैं। आइए जानते हैं कैसे 100 रुपये की SIP से बन सकते हैं करोड़पति ?
रोजाना करें सिर्फ 100 रुपये का निवेश
आज के समय में SIP एक लोकप्रिय इनवेस्टमेंट माना जाता है, ऐसे में हर कोई कम निवेश में ज्यादा रिटर्न की इच्छा रखता है। ऐसे में आप सिर्फ 100 रुपये के निवेश से भी करोड़पति बन सकते हैं। आइए जाने पूरा कैलकुलेशन…
10% रिटर्न पर कुल फंड
यदि आप हर दिन 100 रुपये का निवेश करते हैं और आपको उस पर आपको 10 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है तो 25 साल में आप टोटल 9 लाख निवेश करेंगे। ऐसे में आपको अनुमानित रिटर्न 30.80 लाख रुपये और लगभग लगभग 40.13 लाख रुपये का फंड मिलेगा।
12% रिटर्न पर कुल फंड
यदि आप हर दिन 100 रुपये का निवेश करते हैं और आपको उस पर आपको 12 प्रतिशत का रिटर्न मिलता है तो 25 साल में आप टोटल 9 लाख निवेश करेंगे। ऐसे में आपको अनुमानित रिटर्न लगभग 47.92 लाख रुपये और लगभग 56.92 रुपये लाख फंड मिलेगा।
15% रिटर्न पर कुल फंड
अगर कोई व्यक्ति हर दिन 100 रुपये की SIP म्यूचुअल फंड्स में निवेश करता है तो अच्छा रिटर्न लॉन्ग टर्म में पा सकता है। हर दिन 100 रुपये मतलब हर महीने 3000 रुपये का निवेश करना होगा। अगर करोड़पति बनाना है तो आपको लगातार 25 साल तक निवेश करनना पड़ेगा। ऐसे में अगर इसमें 15% का रिटर्न मिलता है तो आपको अनुमानित रिटर्न लगभग 89.52 लाख रुपये और लगभग ₹98.52 लाख से लेकर ₹1.01 करोड़ फंड मिल सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान
1. शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है, यह बाजार की स्थिति पर निर्भर करता है।
2. करोड़पति बनने के लिए हर महीने बिना रुके लगातार 25 वर्षों तक निवेश बनाए रखना जरूरी है।
3. महीने की किस तारीख को एसआईपी कटे, इससे लॉन्गटर्म रिटर्न पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता। सबसे बेहतर है कि आप अपनी सैलरी या कमाई आने के 23 दिन बाद की तारीख चुनें, ताकि खाते में पर्याप्त बैलेंस रहे और किस्त बाउंस न हो।
3. आप चाहें तो एसआईपी के अलावा अन्य सरकारी योजनाओं जैसे पीपीएफ या एनपीएस का भी विकल्प देख सकते हैं, हालांकि उनमें ब्याज दर और अवधि का अंतर होता है।



