अगर आप सुरक्षित निवेश के साथ टैक्स बचाना चाहते हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक है. सरकार की इस छोटी बचत योजना में निवेश करने पर पैसा सुरक्षित रहता है, टैक्स में छूट मिलती है और लंबे समय में कंपाउंडिंग का फायदा भी मिलता है. फिलहाल PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है. इस योजना में निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी रकम टैक्स फ्री होती है. यही वजह है कि कई लोग नौकरी शुरू करते ही PPF अकाउंट खुलवा लेते हैं और रिटायरमेंट तक इसमें निवेश करते रहते हैं.

लेकिन सिर्फ PPF अकाउंट खोल लेना ही काफी नहीं है. अगर आप कुछ सामान्य गलतियां करते हैं, तो आपको मिलने वाला ब्याज, टैक्स छूट और अन्य फायदे प्रभावित हो सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसी 5 बड़ी गलतियों के बारे में, जिनसे हर PPF निवेशक को बचना चाहिए.
1. साल में कम से कम ₹500 जमा करना न भूलें
PPF खाते को सक्रिय रखने के लिए हर वित्त वर्ष में कम से कम 500 रुपये जमा करना जरूरी है. अगर आप यह न्यूनतम राशि जमा नहीं करते हैं, तो आपका खाता इनएक्टिव हो सकता है. इसके बाद आप रेगुलर निवेश और योजना के कई लाभ नहीं ले पाएंगे. हालांकि, जुर्माना भरकर और आवेदन देकर खाते को दोबारा चालू कराया जा सकता है.
2. हर महीने 5 तारीख के बाद निवेश करना
PPF में ब्याज की गणना हर महीने की 5 तारीख के आधार पर होती है. अगर आप 1 से 5 तारीख के बीच पैसा जमा करते हैं, तो उसी महीने से ब्याज मिलना शुरू हो जाता है. लेकिन यदि 5 तारीख के बाद निवेश करते हैं, तो उस महीने का ब्याज नहीं मिलेगा और ब्याज की गणना अगले महीने से शुरू होगी. इसलिए बेहतर रिटर्न के लिए हर महीने 5 तारीख से पहले निवेश करना समझदारी है.
3. साल में ₹1.5 लाख से ज्यादा निवेश करना
PPF में एक वित्त वर्ष के दौरान अधिकतम 1.5 लाख रुपये ही जमा किए जा सकते हैं. अगर आप इससे ज्यादा रकम जमा करते हैं, तो अतिरिक्त राशि पर न तो ब्याज मिलेगा और न ही टैक्स का कोई फायदा मिलेगा. ध्यान रखें कि यह सीमा आपके अपने खाते के साथसाथ बच्चों के नाम खुले PPF खातों में जमा राशि को मिलाकर तय होती है.
4. अपने नाम पर एक से ज्यादा PPF अकाउंट खोलना
कई लोगों को लगता है कि अलगअलग बैंक या पोस्ट ऑफिस में कई PPF खाते खोलकर ज्यादा फायदा लिया जा सकता है. लेकिन नियमों के मुताबिक, एक व्यक्ति अपने नाम पर सिर्फ एक ही PPF खाता रख सकता है. अगर जांच में एक से ज्यादा खाते मिलते हैं, तो अतिरिक्त खाते को नियमों के खिलाफ माना जा सकता है और उस पर मिलने वाले लाभ भी प्रभावित हो सकते हैं.
5. नियम जाने बिना पैसा निकालना या खाता बंद करना
PPF की लॉकइन अवधि 15 साल होती है. जरूरत पड़ने पर कुछ विशेष परिस्थितियों, जैसे गंभीर बीमारी, बच्चों की उच्च शिक्षा या विदेश में बसने की स्थिति में, 5 वित्तीय वर्ष पूरे होने के बाद खाता समय से पहले बंद किया जा सकता है. हालांकि, समय से पहले खाता बंद करने पर सरकार ब्याज में 1% की कटौती करती है. इसलिए बिना नियम समझे जल्दबाजी में पैसा निकालना नुकसान का सौदा हो सकता है.


