Jaipur Crime News: राजस्थान की राजधानी जयपुर के पॉश इलाके जवाहर सर्किल में हुई हाईप्रोफाइल डकैती के मामले में पुलिस को 29 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद बड़ी सफलता मिली है. जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने बहराइच स्थित यूपीनेपाल बॉर्डर से ‘नेपाली गैंग’ के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस टीमों ने करीब 10 हजार किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा किया, हालांकि लूटा गया सामान अभी बरामद होना बाकी है.

पुलिस जांच में इस गैंग के काम करने का बेहद खौफनाक और योजनाबद्ध तरीका सामने आया है. गैंग का कोई सदस्य पहले पीड़ित परिवार के घर में नौकर बनकर काम पर लगता था. आरोपी घर में रहकर 1520 दिनों तक पूरे परिवार की दिनचर्या, सदस्यों के आनेजाने का समय और मकान के सूना रहने के मौकों पर नजर रखता था. पूरी जानकारी हासिल होते ही रेकी करने वाला सदस्य अपने अन्य साथियों को बुलाता और मौका मिलते ही परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट को अंजाम देता था.
29 जुलाई की सुबह की खौफनाक वारदात
एसआई श्याम प्रकाश के अनुसार, वारदात 29 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र स्थित बिजनेसमैन आशीष गुप्ता के घर पर हुई. उस वक्त आशीष गुप्ता अपनी पत्नी के साथ उत्तराखंड गए हुए थे और घर पर उनका बेटा राघव गुप्ता अकेला था. तीन बदमाशों ने घर में घुसकर राघव को बंधक बना लिया. इसके बाद आरोपी घर में रखे 5 लाख रुपये नकद, कार्टियर कंपनी की महंगी घड़ी, सोनेहीरे की अंगूठियां, ब्रेसलेट, पेंडेंट, सोने की गिन्नी और चांदी के सिक्के लूटकर फरार हो गए थे.
फर्जी आईडी का सहारा और 10 हजार किमी की दौड़
गैंग के सदस्य बेहद शातिर हैं और पुलिस से बचने के लिए फर्जी आईडी , फर्जी नाम और पते का इस्तेमाल करते थे। जहां भी ये ठहरते थे, वहां गलत पहचान दर्ज कराते थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार अलगअलग टीमों का गठन किया, जिन्हें दिल्ली, यूपी, मुरादाबाद, बहराइच, गौरीफंटा, रूपईडीहा और बेंगलुरु तक भेजा गया. तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर पुलिस ने आखिरकार बहराइच बॉर्डर से सतवीर सिंह, मनबहादुर और प्रदीप कुमार यादव को दबोच लिया. पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर माल बरामदगी की कोशिश कर रही है.



