
जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में मजदूरी के बकाया पैसे को लेकर हुआ विवाद एक युवक की हत्या की वजह बन गया। बिरसानगर थाना क्षेत्र में विशाल शांडिल की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि वारदात के बाद शव को स्वर्णरेखा नदी में फेंक दिया गया, ताकि घटना को छिपाया जा सके। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी चरन हांसदा की तलाश जारी है।
मजदूरी के बदले पैसे की जगह मिलता था मुर्गा-दारू
पुलिस की जांच के मुताबिक, विशाल शांडिल, कार्तिक नामता और रवि कुंटिया, चरन हांसदा के लिए मजदूरी करते थे। आरोप है कि चरन कई बार काम कराने के बाद मजदूरों को उनकी पूरी मजदूरी नकद देने के बजाय मुर्गा और शराब खिलाकर हिसाब बराबर करने की कोशिश करता था।
इसी बात को लेकर मजदूरी के पैसों का विवाद बढ़ गया था। पुलिस के अनुसार, 25 सितंबर को विशाल और चरन के बीच इसी मुद्दे पर मारपीट भी हुई थी। इसके कुछ दिन बाद मामला और गंभीर हो गया।
शराब पिलाने के बहाने बुलाने का आरोप
जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, 27 सितंबर की शाम चरन हांसदा ने विशाल को शराब पिलाने के बहाने बुलाया। इसके बाद विशाल को कार्तिक नामता और रवि कुंटिया के साथ स्वर्णरेखा नदी के पास पानी की टंकी वाले इलाके में ले जाया गया।
आरोप है कि वहां विशाल पर चाकू से हमला किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को स्वर्णरेखा नदी में फेंक दिया गया। पुलिस इस मामले में घटनाक्रम और सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
पत्नी की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, विशाल की पत्नी गीता नामता ने 30 सितंबर को बिरसानगर थाने में पति की हत्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर नगर डीएसपी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने गोविंदपुर थाना क्षेत्र के खैरबनी निवासी रवि कुंटिया और सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के बागुनहातु निवासी कार्तिक नामता को गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक बाइक भी बरामद की है। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस
पुलिस अब मुख्य आरोपी चरन हांसदा की तलाश कर रही है। जांच में मजदूरी के बकाया पैसों को लेकर हुए विवाद को हत्या की संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों और आरोपियों के बयानों की भी पड़ताल कर रही है।
यह मामला मजदूरों को उनकी मेहनत का भुगतान नहीं किए जाने से शुरू हुए विवाद के गंभीर परिणामों को सामने लाता है। हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और पुलिस जांच से जुड़ी जानकारी पर आधारित है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।



