
मुंगेर, बिहार: जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए कथित आपराधिक साजिश को नाकाम कर दिया। कटरिया इलाके के एक बगीचे में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की और मौके से दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक दोनाली बंदूक, एक पिस्टल, दो मैगजीन और 13 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक, रविवार को मुफस्सिल थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार कुणाल को गुप्त सूचना मिली थी कि कटरिया स्थित एक बगीचे में कुछ युवक जमा हैं और किसी बड़ी आपराधिक वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना में यह भी बताया गया था कि संदिग्धों के पास हथियार मौजूद हैं।
अचानक छापेमारी से मची अफरा-तफरी
सूचना की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष ने पुलिस टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद टीम ने कटरिया के बगीचे में छापेमारी की। पुलिस को अचानक मौके पर पहुंचा देखकर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान दो युवकों को पकड़ लिया गया।
पुलिस ने उनकी तलाशी ली तो हथियार और कारतूस बरामद हुए। बरामद सामान में एक दोनाली बंदूक, एक पिस्टल, दो मैगजीन और 13 जिंदा कारतूस शामिल हैं।
गिरफ्तार युवकों की हुई पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कटरिया निवासी अक्षय कुमार और धरहरा थाना क्षेत्र के लड़ैयाटांड़ निवासी राजेश कुमार के रूप में की है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के पास हथियार कहां से आए थे और वे किस वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, प्रस्तावित अपराध का उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।
हथियार सप्लायर और अन्य संदिग्धों की तलाश
मुफस्सिल थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार कुणाल ने बताया कि दोनों युवकों को हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ के आधार पर हथियारों के स्रोत और उनके आपराधिक संपर्कों का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस अब इस मामले में संभावित हथियार सप्लायरों और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस कथित योजना के पीछे कौन-कौन लोग थे और उनका वास्तविक मकसद क्या था।
Satya Report डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध पुलिस जानकारी और मीडिया रिपोर्ट पर आधारित है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और कथित साजिश से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।



