भीलवाड़ा
राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं और मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही नि:शुल्क साइकिल और टैबलेट वितरण योजना के ताजा आंकड़े सामने आए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से दिसंबर 2023 से 30 जून 2026 तक की प्रगति रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक कुल 13 लाख 85 हजार 373 छात्राओं को निशुल्क साइकिलें बांटी जा चुकी हैं।

वहीं, 88 हजार 724 मेधावी विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए हैं। हालांकि विभाग की रिपोर्ट से यह भी खुलासा होता है कि पिछले कुछ वर्षों में वितरण का कार्य सुचारू रहा है, लेकिन शिक्षा सत्र 202526 के लिए इंटरनेट युक्त टैबलेट और नई बजट घोषणा के तहत साइकिल के लिए ईवाउचर’ देने की स्वीकृतियां अभी भी शासन स्तर पर लाल फीताशाही में उलझी हुई हैं।
कक्षा 9 में प्रवेश लेने वाली छात्राओं के लिए चल रही इस योजना के तहत पिछले चार वर्षों में बंपर वितरण हुआ है। वर्ष 202526 के लिए लुधियाना की की कम्पनी को 3 लाख 34 हजार 278 साइकिलों का ऑर्डर दिया गया था, जिनका वितरण पूरा हो चुका है।
साइकिल वितरण के आंकड़े
वित्तीय वर्ष लाभांवितों की संख्या
20222023 3,37,221
20232024 3,88,674
20242025 3,25,200
20252026 3,34,278
कुल योग 13,85,373
अटक गई फाइल: वर्ष 202627 की बजट घोषणा के अनुसार, अब जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए सीधे ईवाउचर दिए जाने हैं। विभाग ने 22 मई 2026 को इसका प्रस्ताव शासन को भिजवा दिया है, लेकिन 30 जून तक इसकी स्वीकृति विचाराधीन है।
टैबलेट वितरण: 88 हजार से ज्यादा मेधावी हुए हाईटेक
बोर्ड परीक्षा कक्षा 8, 10, 12वीं कला, वाणिज्य, विज्ञान के परिणामों के आधार पर चयनित मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त टैबलेट देने की योजना में भी अहम प्रगति हुई है। वर्तमान सरकार ने अब तक 88 हजार 724 टैबलेट बांटे हैं।
पहला चरण: शैक्षणिक सत्र 202122 और 202223 के 55 हजार 724 चयनित मेधावियों को टैबलेट मिले।
दूसरा चरण: वर्ष 202425 में करीब 33 हजार टैबलेट इंटरनेट व सिम कार्ड सहित वितरित किए गए हैं।
यहां फंसा है पेंच
सबसे बड़ी चिंता वित्तीय वर्ष 202526 के लिए टैबलेट मय इंटरनेट कनेक्शन खरीदने की स्वीकृति को लेकर है। विभाग की ओर से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति के लिए तीन बार 2 मई 2025, 3 जून 2025 और 25 नवंबर 2025 को प्रस्ताव भिजवाए जाए गए, लेकिन शासन से अब तक स्वीकृति नहीं मिली। ऐसे में आगामी सत्र के मेधावियों को अपने टैबलेट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।



