
मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में करीब ढाई साल पुराने अंकित हत्याकांड में अदालत ने आरोपी दंपती मीनाक्षी और उसके पति सोनू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर जुर्माना भी लगाया है। मामला खतौली क्षेत्र के जसौला गांव का है, जहां जनवरी 2024 में अंकित की हत्या कर दी गई थी।
अदालत ने सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों को हत्या का दोषी माना। दोषी दंपती को जिला कारागार से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया।
प्रेम-प्रसंग के चलते घर बुलाने का आरोप
अभियोजन के अनुसार, 7 जनवरी 2024 की शाम जसौला गांव निवासी 22 वर्षीय अंकित एक युवक के साथ मीनाक्षी के घर गया था। बताया गया कि अंकित और मीनाक्षी के बीच प्रेम-प्रसंग था।
अंकित के पिता रणवीर सिंह और उसके बड़े बेटे लवकुश को जब उसके मीनाक्षी के घर जाने की जानकारी मिली तो वे वहां पहुंचे। आरोप है कि मीनाक्षी ने घर का दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा खुलवाया गया।
घर के अंदर अंकित गंभीर हालत में पड़ा मिला। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
डंडों से पीटकर हत्या करने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, मीनाक्षी और उसके पति सोनू ने अंकित को घर में बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की थी। आरोप है कि डंडों से पीटने के कारण उसकी मौत हुई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को 10 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद मामले में आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया।
पोस्टमार्टम में मिले थे चोट के 18 निशान
अभियोजन पक्ष के अनुसार, अंकित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के 18 निशान मिले थे। पुलिस ने मीनाक्षी के घर से अंकित का टूटा हुआ मोबाइल, खून से सनी रजाई, तीन बाल और शर्ट के दो बटन बरामद किए थे।
इसके अलावा पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए जाने का दावा किए गए दो दुपट्टे, सूत का नाड़ा और चार डंडे भी बरामद किए थे। अभियोजन ने इन सामानों को मामले में अहम साक्ष्य बताया।
टूटे हुए मोबाइल की पहचान अंकित के पिता रणवीर सिंह ने की थी।
सात गवाहों के बयान दर्ज किए गए
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अंकित के पिता रण


