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अपराधी का दिमाग जांचने के नाम पर काटी लाश, फिर चमड़ी से बनवाए जूते.

अपराधी का दिमाग जांचने के नाम पर काटी लाश, फिर चमड़ी से बनवाए जूते.

किसी इंसान की चमड़ी से जूता बना दिया जाए, क्या आप इसकी कल्पना कर सकते हैं? यह सोचकर ही मन सिहर उठता है, लेकिन यह बिल्कुल सच है. 19वीं सदी के अमेरिकी इतिहास में एक ऐसी खौफनाक और अमानवीय घटना दर्ज है, जहां एक कुख्यात डाकू की मौत के बाद उसकी लाश की जांघों और छाती की चमड़ी निकालकर बाकायदा जूते बनवाए गए. इतना ही नहीं, उस जूते को पहनकर एक मशहूर डॉक्टर बाद में देश का गवर्नर भी बना. यह कहानी है 1870 के दशक के कुख्यात अमेरिकी डाकू जॉर्ज पैरट की, जिसे उसकी बड़ी नाक की वजह से लोग बिग नोज जॉर्ज कहते थे. बिग नोज अपने गैंग के साथ मालगाड़ियों और स्टेजकोच को लूटने के लिए जाना जाता था. साल 1878 में उसके गैंग ने वायोमिंग में एक पैसेंजर ट्रेन को पलटाकर लूटने की कोशिश की.

साजिश तो नाकाम हो गई, लेकिन पीछा करने आए डिप्टी शेरिफ रॉबर्ट और डिटेक्टिव टिप विंसेंट की इस गैंग ने बड़ी बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस और रेलवे कंपनी ने बिग नोज पर 20 हजार डॉलर (वर्तमान समय में लगभग 19 लाख रुपए) का भारी-भरकम इनाम रख दिया. करीब दो साल बाद मोंटाना के एक बार में शराब के नशे में जब उसने हत्याओं की डींगें हांकनी शुरू की, तभी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. अदालत ने उसे दो अधिकारियों की हत्या के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई. फांसी से महज दस दिन पहले 22 मार्च 1881 को उसने जेल से भागने की कोशिश की और जेलर का सर फोड़ दिया. इस बात से भड़की गुस्सैल भीड़ ने जेल पर धावा बोल दिया, बिग नोज को घसीटकर बाहर निकाला और टेलीग्राफ के पोल से लटकाकर उसे मार डाला.

कहानी का सबसे वीभत्स और विचित्र मोड़ यहां से शुरू होता है. जब बिग नोज का शव लेने कोई रिश्तेदार नहीं आया, तो डॉक्टर थॉमस मैगी और डॉक्टर जॉन यूजीन ओसबोर्न ने अपराधी के दिमाग पर रिसर्च करने के लिए उसकी लाश पर कब्जा कर लिया. डॉक्टरों ने बिग नोज की खोपड़ी का ऊपरी हिस्सा आरी से काट दिया. इसके बाद डॉक्टर ओसबोर्न ने उसकी जांघों और छाती की चमड़ी उधेड़कर डेनवर की एक चमड़ा फैक्ट्री में भेज दी और निर्देश दिए कि इस इंसानी चमड़ी से जूते और एक बैग बनाया जाए. डॉक्टर ओसबोर्न ने न केवल इंसानी चमड़ी से बने वे जूते पहने, बल्कि बाद में राजनीति में उतरकर जब वे 1893 में वायोमिंग राज्य के पहले डेमोक्रेटिक गवर्नर बने, तो अपने शपथ ग्रहण समारोह में भी उन्होंने उसी डाकू की चमड़ी के जूते पहन रखे थे.

बिग नोज का बाकी कटा हुआ शरीर नमक के घोल से भरे व्हिस्की के एक ड्रम में बंद कर डॉक्टर के क्लिनिक के पीछे दफना दिया गया, जबकि उसकी कटी हुई खोपड़ी का ऊपरी हिस्सा एक 15 साल की असिस्टेंट लड़की लिलियन हीथ को दे दिया गया, जिसने सालों तक उसे अपने ऑफिस में ऐशट्रे और डोरस्टॉप की तरह इस्तेमाल किया. घटना के लगभग 70 साल बाद मई 1950 में जब एक नई इमारत की खुदाई के दौरान मजदूरों को व्हिस्की का बैरल और उसमें बंद इंसानी हड्डियां तथा जूते मिले, तो हड़कंप मच गया. 80 साल से अधिक उम्र की हो चुकी डॉक्टर लिलियन हीथ से जब वह खोपड़ी मंगवाकर मिलाई गई, तो वह बैरल में मिली खोपड़ी से बिल्कुल फिट बैठ गई. तब जाकर इस मामले का खुलासा हुआ. आज इंसानी चमड़ी से बने वे जूते और बिग नोज की खोपड़ी वायोमिंग के कार्बन काउंटी म्यूजियम में पर्यटकों के देखने के लिए रखे गए हैं.

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