
फर्जीवाड़ा की रिपोर्ट दर्ज कराने को दो विभागों के चक्कर काट रही मजदूर की बेटी
नौ मई को चंदीगढ़ आयकर विभाग से आया था 20.98 करोड़ कमाई करने का नोटिस
24 जून को एसपी कार्यालय में दिया था प्रार्थना पत्र, अब तक नहीं दर्ज की गई रिपोर्ट
जागरण संवाददाता, उन्नाव। उन्नाव शहर के एक मजदूर की बेटी को आयकर विभाग ने 20.98 करोड़ कमाई करने का नोटिस भेजा है। इसमें विभाग ने आय छिपाने और बड़े कारोबार से जुड़े लेनदेन का हिसाब मांगा है। बेटी ने जब एसपी को फर्जीवाड़ा होने की जानकारी दी और रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की तो उसे साइबर थाना भेजा दिया गया।
वहीं साइबर थाने में किसी प्रकार की काल या फ्राड न होने का हवाला देकर रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। मामला आयकर से जुड़ा बताकर वापस भेज दिया गया। इससे अब मजदूर की बेटी आयकर और पुलिस के चक्कर काट रही है।
शहर के गिरिजाबाग निवासी अजय शंकर मजदूरी का परिवार चलाते हैं। उनकी की बेटी रश्मि के नाम से नौ मई को चंड़ीगढ़ आयकर विभाग की ओर से एक नोटिस भेजा गया। रश्मि सविता के नाम जारी नोटिस में 20.98 करोड़ रुपये की आय छिपाने और बड़े कारोबार से जुड़े लेनदेन का हिसाब मांगा गया है। यह नोटिस आयकर अधिनियम की धारा 131(1A) के तहत आय छिपाने या वित्तीय अनियमितताओं की आशंका की होती है।
आयकर विभाग ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा
नोटिस मिलते ही वह परेशान हो गई और स्वजन को जानकारी दी। स्वजन दूसरे दिन सिविल लाइंस स्थित आयकर विभाग पहुंचे। यहां उन्होंने अधिकारियों को पूरी जानकारी। मामला धोखाधड़ी का प्रतीत होने पर आयकर के अधिकारियों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी।
यहां से आयकर विभाग भेज दिया गया
इसके बाद रश्मि 24 जून एसपी कार्यालय पहुंची। यहां उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। एसपी कार्यालय से उन्हें साइबर कार्यालय में रिपोर्ट दर्ज कराने की जानकारी दी। जब रश्मि 25 जून को साइबर थाना पहुंची तो यहां उन्हें पूरा मामला आयकर विभाग का बताकर भेज दिया गया।
चक्कर काट जनसुनवाई पोर्टल पर की शिकायत
रश्मि ने बताया कि वह दो विभाग का चक्कर काटते हुए परेशान हो गई है। इसके अलावा जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। रश्मि के अनुसार आयकर विभाग ने नोटिस का जवाब तैयार कर लिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज हो जाए तो एफआईआर की कापी लगा के जवाब भेज दिया जाएगा। लेकिन एसपी कार्यालय और साइबर थाना में कहीं भी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई है।
आरएस इंटरप्राजेज नाम से बनाई गई थी फर्म
रश्मि ने बताया कि जानकारी करने पर पता चला कि उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड दुरुपयोग कर दिल्ली में एक फर्म खोली गई थी। बताया कि दस्तावेजों का इस्तेमाल कर संतनगर, बुराड़ी क्षेत्र में आरएस इंटरप्राइजेज नाम की फर्म का संचालन किया गया। फर्म 15 जनवरी 2025 को शुरू की गई थी और नौ मई 2025 को बंद कर दी गई। करीब पांच महीने तक करोड़ों रुपये का कारोबार किए जाने का दावा किया जा रहा है।



