भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों को एक नई दिशा देते हुए, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रविवार को दोनों देशों के बीच कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को मजबूत करने का एक बड़ा ब्लूप्रिंट साझा किया। चार साल के अंतराल के बाद नई दिल्ली में आयोजित की जा रही ‘8वीं इंडियाइंडोनेशिया जॉइंट कमीशन मीटिंग’ में इंडोनेशियाई प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए जयशंकर ने बहुक्षेत्रीय सहयोग की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

गणतंत्र दिवस यात्रा से मिली संबंधों को नई गति
विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के दौरान याद किया कि वर्ष 2025 में भारत के 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आए थे। उन्होंने कहा, “पिछले साल राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो की राजकीय यात्रा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके बीच बेहद सार्थक बातचीत हुई थी। उस ऐतिहासिक दौरे ने हमारी रणनीतिक साझेदारी को एक अभूतपूर्व रफ़्तार दी है।” उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों ने वर्ष 2025 में अपने कूटनीतिक रिश्तों की शुरुआत की 75वीं सालगिरह भी धूमधाम से मनाई है।
रक्षा, सुरक्षा और व्यापार पर विशेष ध्यान
इंडोनेशियाई विदेश मंत्री सुगियोनो के साथ इस जेसीएम चर्चा के दौरान जयशंकर ने स्पष्ट किया कि इस उच्च स्तरीय बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग के पूरे स्पेक्ट्रम को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा, “आज की वार्ता में राजनीतिक संबंधों से लेकर डिफेंस, सिक्योरिटी, मैरीटाइम ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, हेल्थ, फार्मास्यूटिकल्स, फूड सिक्योरिटी के साथसाथ टूरिज्म, एजुकेशन और कल्चरल कोऑपरेशन जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी और इसका विस्तार किया जाएगा।”
आतंकवाद के खिलाफ साझा जंग और रीजनल जियोपॉलिटिक्स
दक्षिण और दक्षिणपूर्व एशिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के रूप में भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते 2018 में ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा मिलने के बाद से लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ भी डटकर खड़े हैं, जिसकी बानगी अगस्त 2024 में जकार्ता में हुई जॉइंट वर्किंग ग्रुप की छठी बैठक में देखने को मिली थी। यह द्विपक्षीय बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश ‘ASEANइंडिया कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटеजिक पार्टनरशिप ’ जैसी महत्वपूर्ण पहलों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो बदलते क्षेत्रीय भूराजनीतिक माहौल के लिहाज से बेहद अहम है।



