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India-NZ FTA: भारत के लिए खुलने जा रहा है तरक्की का महाद्वार, न्यूजीलैंड के साथ कल व्यापार समझौते पर लगेगी मुहर!

Satya Report: भारत की अर्थव्यवस्था के लिए 27 अप्रैल का दिन बेहद अहम होने जा रहा है. दिल्ली के भारत मंडपम में भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले इस बहुप्रतीक्षित डील पर मुहर लगाएंगे. इस समझौते का सीधा असर सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह आम आदमी की रसोई से लेकर युवाओं के रोजगार तक को प्रभावित करने वाला है. एक तरफ जहां प्रीमियम विदेशी उत्पाद सस्ते होंगे, वहीं दूसरी तरफ भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए वैश्विक बाजार के नए दरवाजे खुलेंगे.

India-NZ FTA: भारत के लिए खुलने जा रहा है तरक्की का महाद्वार, न्यूजीलैंड के साथ कल व्यापार समझौते पर लगेगी मुहर!
India-NZ FTA: भारत के लिए खुलने जा रहा है तरक्की का महाद्वार, न्यूजीलैंड के साथ कल व्यापार समझौते पर लगेगी मुहर!

विदेशी शराब, एवोकाडो का शौक होगा सस्ता

अगर आप विदेशी शराब या ब्लूबेरी और एवोकाडो जैसे प्रीमियम फलों के शौकीन हैं, तो यह डील आपके लिए अच्छी खबर लेकर आई है. इस समझौते के लागू होने के बाद न्यूजीलैंड से आयात होने वाले इन उत्पादों पर भारत आयात शुल्क को काफी हद तक कम या पूरी तरह खत्म कर देगा. इसके अलावा, ऊन, कोयला और लकड़ी जैसी औद्योगिक जरूरतों के सामान पर भी ड्यूटी घटेगी. कुल मिलाकर, न्यूजीलैंड के करीब 95 फीसदी से ज्यादा उत्पादों को भारत में ड्यूटीफ्री एक्सेस मिलेगा, जिससे घरेलू बाजार में इनकी कीमतें कम हो सकती हैं.

किसानों और स्वदेशी कारोबारियों की पूरी सुरक्षा

विदेशी उत्पादों को छूट देने के बावजूद, सरकार ने इस बात का पूरा ध्यान रखा है कि भारतीय किसानों और लोकल उत्पादकों को कोई नुकसान न हो. न्यूजीलैंड अपने डेयरी उत्पादों के लिए दुनियाभर में मशहूर है, लेकिन भारत ने दूध, पनीर, दही और क्रीम जैसे डेयरी आइटम्स को इस समझौते से बाहर रखा है. इसके साथ ही रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली चीजें जैसे प्याज, चीनी, खाद्य तेल, मसाले और रबर को भी ड्यूटीफ्री रियायतों के दायरे से अलग रखा गया है. इसका साफ मतलब है कि घरेलू कृषि बाजार पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा और स्थानीय किसानों पर विदेशी प्रतिस्पर्धा का कोई अनुचित दबाव नहीं पड़ेगा.

भारतीय युवाओं के लिए न्यूजीलैंड में नौकरी के नए अवसर

इस एफटीए का सबसे आकर्षक पहलू सर्विस सेक्टर और नौकरीपेशा युवाओं से जुड़ा है. न्यूजीलैंड ने भारतीय पेशेवरों के लिए हर साल 5,000 नए वीजा का एक विशेष कोटा निर्धारित किया है. इस प्रावधान के तहत भारत के प्रतिभावान युवा और आईटी प्रोफेशनल्स तीन साल तक वहां रहकर काम कर सकेंगे. यह कदम विदेशों में अपना करियर बनाने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए एक शानदार सौगात है.

व्यापार दोगुना करने और 20 अरब डॉलर निवेश का लक्ष्य

व्यावसायिक नजरिए से देखा जाए तो भारतीय कंपनियों के लिए यह एक गेमचेंजर साबित होने वाला है. अब भारतीय एक्सपोर्टर्स अपना माल बिना किसी भारी शुल्क के न्यूजीलैंड भेज सकेंगे. वर्तमान में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार लगभग 2.4 अरब डॉलर का है, जिसमें सेवाएं और वस्तुएं दोनों शामिल हैं. इस समझौते के जरिए अगले पांच सालों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है. इसके अलावा, अगले 15 वर्षों में भारत में करीब 20 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आने का अनुमान है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार देगा.

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