
उत्तर प्रदेश के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में चीन की तर्ज पर एक इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के स्थानीय और औद्योगिक उत्पादों को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच दिलाना है। प्रस्तावित ट्रेड सिटी को व्यापार, उद्योग और निर्यात के लिए एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
एक ही जगह मिलेगा व्यापार का बड़ा प्लेटफॉर्म
प्रस्तावित इंटरनेशनल ट्रेड सिटी में अलग-अलग क्षेत्रों के औद्योगिक उत्पादों के लिए व्यवस्थित बाजार और प्रदर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यहां कारोबारी अपने उत्पादों को देश-विदेश के संभावित खरीदारों के सामने सीधे प्रदर्शित कर सकेंगे।
इससे उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के साथ नए खरीदारों से संपर्क और अंतरराष्ट्रीय कारोबार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य एक ऐसा वन-स्टॉप ट्रेडिंग डेस्टिनेशन तैयार करना है, जहां उत्पादों के प्रदर्शन, कारोबार और निर्यात से जुड़ी गतिविधियां एक ही जगह पर की जा सकें।
चीन के यीवू मॉडल की तर्ज पर तैयारी
इस परियोजना के लिए चीन के यीवू इंटरनेशनल ट्रेड सिटी के मॉडल को ध्यान में रखा जा रहा है। यीवू दुनिया के बड़े थोक व्यापार केंद्रों में शामिल है, जहां अलग-अलग श्रेणियों के उत्पादों के लिए संगठित बाजार उपलब्ध है।
यीडा क्षेत्र में नोएडा एयरपोर्ट के नजदीक औद्योगिक सेक्टर-7, सेक्टर-8 और सेक्टर-8ए में इस तरह के ट्रेड सेंटर विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। प्रत्येक केंद्र को करीब 20-20 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने का प्रस्ताव है।
बिक्री के बजाय किराये पर देने की योजना
प्रस्तावित व्यवस्था में इन ट्रेड सेंटरों को सीधे बेचने के बजाय किराये पर देने की योजना है। इससे बाजार में किसी उत्पाद की मांग कम होने पर वहां दूसरे उत्पाद को जगह देना आसान होगा।
इस व्यवस्था से ट्रेड सिटी में बाजार की जरूरत के अनुसार उत्पादों को बदला और व्यवस्थित किया जा सकेगा। इससे इसे एक सक्रिय और लगातार बदलते व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है।
MSME कारोबारियों को मिल सकता है बड़ा फायदा
इस परियोजना से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों यानी MSME सेक्टर को खास फायदा मिलने की उम्मीद है। छोटे कारोबारियों के लिए अपने उत्पादों को बड़े खरीदारों और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है।
ट्रेड सिटी में उन्हें उत्पाद प्रदर्शित करने, नए खरीदारों से संपर्क बनाने और व्यापारिक नेटवर्क बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। इससे छोटे उद्योगों को नए बाजार तलाशने में मदद मिलने की उम्मीद है।
‘एक जिला, एक उत्पाद’ को भी मिलेगा मंच
उत्तर प्रदेश के ‘एक जिला, एक उत्पाद’ यानी ODOP जैसे अभियानों के लिए भी यह ट्रेड सिटी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अलग-अलग जिलों के स्थानीय उत्पादों को एक संगठित व्यापारिक प्लेटफॉर्म मिलने से उनकी ब्रांडिंग और बाजार विस्तार को बढ़ावा मिल सकता है।
जिन स्थानीय उत्पादों की देश और विदेश में मांग है, उनके निर्माताओं को संभावित खरीदारों तक पहुंच बनाने का बेहतर अवसर मिल सकता है। इससे स्थानीय कारोबार, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना है।



