Traya Lifestyle Stress Survey 2026: दुनिया भर में रविवार, 21 जून 2026 को 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर हर कोई सेहतमंद रहने की बात कर रहा है, लेकिन इसी बीच शहरी भारत की लाइफस्टाइल और मानसिक सेहत को लेकर एक बहुत ही हैरान करने वाली रिपोर्ट सामने आई है। भारत के मशहूर पर्सनलाइज्ड हेयर हेल्थ प्लेटफॉर्म Traya ने देश के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी तस्वीर दुनिया के सामने रखी है।

यह रिपोर्ट मार्च 2026 में कराए गए एक डायग्नोस्टिक हेयर टेस्ट के आंकड़ों पर आधारित है। इस जांच में देश भर के 9,42,451 भारतीयों ने हिस्सा लिया था, जिनमें 5,62,088 पुरुष और 3,80,363 महिलाएं शामिल थीं। इस एनालिसिस में लोगों के बालों की सेहत के साथसाथ उनके मानसिक तनाव के स्तर, सोने के तौरतरीकों और पेट की बीमारी जैसी तीन बड़ी आदतों की पड़ताल की गई है।
देश के आधे से अधिक पुरुष भारी तनाव में
इस सर्वे में पुरुषों के तनाव को गंभीरता को हाई, मॉडरेट और लो के पैमाने पर मापा गया है। जो बातें निकलकर सामने आई हैं, वे बताती हैं कि भारत के पुरुषों की रातों की नींद और चैन उड़ चुका है। अगर पूरे देश की बात करें तो लगभग 54.5% पुरुष मध्यम से उच्च तनाव की रिपोर्ट करते हैं। इनमें से 7.7% पुरुष ऐसे हैं जो ‘हाई स्ट्रेस’ यानी उच्च तनाव के शिकार हैं। यह वह खतरनाक स्थिति है जो जीवन की बड़ी घटनाओं जैसे किसी करीबी की मृत्यु, अलगाव या लंबी बीमारी से पैदा होती है।
अगर हम देश के अलगअलग इलाकों की बात करें, तो भौगोलिक रूप से दक्षिण भारत के पुरुषों का हाल सबसे बुरा है। दक्षिण भारत 63.0% मध्यमसेउच्च तनाव के साथ टॉप पर बना हुआ है। इसके बाद पश्चिम भारत 55.1% के साथ दूसरे और पूर्वी भारत 54.5% के साथ तीसरे स्थान पर है। वहीं, उत्तर भारत के पुरुष मानसिक रूप से सबसे ज्यादा शांत पाए गए हैं।
दक्षिणी महानगरों के पुरुषों का हाल सबसे बुरा
शहरों के स्तर पर बात करें तो त्रया की रिपोर्ट में तमिलनाडु का चेन्नई शहर पुरुषों के तनाव की लिस्ट में सबसे ऊपर है। चेन्नई में करीब 65.5% पुरुष बढ़े हुए तनाव में जी रहे हैं, जिसमें 9.9% लोग हाई स्ट्रेस का सामना कर रहे हैं। इसके बाद तेलंगाना का हैदराबाद शहर 63.6% के साथ दूसरे और कर्नाटक का बेंगलुरु शहर 61.7% के साथ तीसरे स्थान पर है।
यानी पुरुषों के लिए तनाव के लिहाज से तीनों सबसे खराब शहर दक्षिण भारत के ही महानगर हैं। इसके विपरीत, राजस्थान का जयपुर शहर और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पुरुषों के लिए सबसे सुकून और कम तनाव वाले शहर साबित हुए हैं।
तनाव
महिलाओं की स्थिति: भूगोल से परे हर तरफ तनाव
ने महिलाओं के सर्वे में तनाव नापने के लिए थोड़ा अलग पैमाना चुना था, जिसमें उनसे पूछा गया कि वे कितनी बार तनाव महसूस करती हैं। राष्ट्रीय स्तर पर बेहद डराने वाले आंकड़े आए हैं, जहां 25.3% महिलाएं लगभग ‘हर दिन’ तनाव महसूस करती हैं। वहीं, 54.8% महिलाएं सप्ताह में 3 से 5 बार या कई बार मानसिक रूप से परेशान रहती हैं। पूरे देश में केवल 19.9% महिलाएं ही ऐसी हैं जो खुद को महसूस करती हैं।
महिलाओं के मामले में भी दक्षिण भारत 81.9% के साथ सबसे आगे है। इसके बाद पश्चिम भारत 79.9%, पूर्व भारत 79.6%, उत्तर भारत 79.1% और मध्य भारत 78.6% पर है। खास बात यह है कि महिलाओं में सबसे अच्छे और सबसे खराब क्षेत्र के बीच केवल 3.3% का ही अंतर है। इससे साफ पता चलता है कि भारत में महिलाएं भूगोल की परवाह किए बिना हर हिस्से में लगातार उच्च तनाव से जूझ रही हैं। शहरों की बात करें तो चेन्नई की 85.2% महिलाएं तनाव में हैं, जबकि पटना में सबसे कम 75.4% महिलाएं तनाव महसूस करती हैं।
ऐसा है अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का थीम
इसी बिगड़ती जीवनशैली और बढ़ते के बीच इस साल अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रखी गई है। यह थीम हमें याद दिलाती है कि योग के जरिए हम मानसिक विकारों को दूर कर बढ़ती उम्र में भी पूरी तरह एक्टिव, ऊर्जावान, आत्मनिर्भर और बेहतर सेहत के मालिक बने रह सकते हैं। इस समय पूरे देश में कॉमन योगा प्रोटोकॉल पर आधारित सामूहिक योग के अभ्यास कराए जा रहे हैं।
इस साल का सबसे मुख्य राष्ट्रीय योग कार्यक्रम पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के ऐतिहासिक रेड रोड पर आयोजित होने जा रहा है। इस भव्य कार्यक्रम का नेतृत्व खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने जीवन से इस मानसिक तनाव को दूर भगाने और मानसिक शांति पाने के लिए योग को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा जरूर बनाएं।



