FIFA World Cup 2026 Iran Football Team: मौजूदा वक्त में ईरान का अमेरिका और इजराइल के साथ जबरदस्त तनाव चल रहा है। इसी बीच ईरान की फुटबॉल टीम कई राजनीतिक तनावों व बीजा से संबंधित अड़चनों के बीच मेक्सिको पहुंच गई है। गौरतलब है कि फीफा वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत आगामी 11 जून से होने वाली है।

ऐसे में ईरानी टीम तुर्की के अंताल्या में प्रैक्टिश सेशन के बाद बीते शनिवार को प्लाइट से रवाना होकर रविवार 7 जून की दोपहर को मेक्सिको के तिजुआना शहर पर पहुंची।
ईरानी टीम ने खुद साझा की जानकारी
इस बात की जानकारी खुद ईरान टीम के सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साझा की गई। ईरान की टीम ने सोशल मीडिया पर अपने खिलाडि़यों की तस्वीरें साझा करते हुए हाए मेक्सिको लिखा। कुछ महीनों पहले कहा जा रहा था कि ईरान की टीम इस साल होने वाले फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेगी। इसके पीछे का राण 2026 के फरवरी में अमेरिका और इजराइल के द्वारा ईरान पर हमला करना था। दूसरी तरफ खुद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माना था कि सुरक्षा कारणों के ध्यान में रखते हुए ईरान की टीम को फीफा वर्ल्ड कप में शामिल नहीं करना चाहिए।
ईरानी टीम का फैसला
अमेरिका के इस तरह के रवैये पर ईरान फुटबॉल एसोसिएशन ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी। उसने साफ किया था कि वर्ल्ड कप जैसा टूर्नामेंट फीफा का है ना कि अमेरिका या इजराइल का। इसके आगे कई दिनों तक ईरान फुटबॉल एसोसिएसन अपनी बात कर अडिग रहा और जिसका नतीजा ये रहा कि मौजूदा वक्त में वो फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ में अपनी दस्तक देने को तैयार है।
वीजा रिटेक्ट से ईरान को हुई दिक्कत
हांलाकि फीफा वर्ल्ड कप को लेकर ईरान की फुटबॉल टीम का कड़ा रवैया उसके काम आया, लेकिन फिर भी कुछ अड़चने उसके लिए परेशानी का सबब बनी। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत वीजा को लेकर थी। पहले टीम को अमेरिका के एरिजोना में अपना फुटबॉल कैंप लगाना था, लेकिन कुछ पाबंदियों के चलते उसे अपने प्लान में बड़ा बदलाव करना पड़ा। बीते दिनों USA के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया था कि ईरान के खिलाड़ियों का उनके देश में स्वागत है, लेकिन टीम के साथ सैन्य पृष्टभूमि या इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ें व्यक्तियों को यहां नहीं आने दिया जाएगा।
अमेरिकी सरकार ने अपनी इसी नीति के तहत ईरान फुटबॉल टीम को परेशानी में डाला। USA प्रशासन ने ईरान की फुटबॉल टीम फेडरेशन के अध्यक्ष व पूर्व सहित करीब 12 कोच, मेडिकल स्टाफ व कई ट्रेनर्स के वीजा रिजेक्ट कर दिए। अमेरिका का इस कड़े रवैये के बाद ईरान की साहयता के लिए मेक्सिको ने हाथ बढ़ाया।
ईरान के काम आया मेक्सिको
जब अमेरिकी सरकार ने ईरानी फुटबॉल टीम पर वीजा संबंधित पाबंदियां लगाई तो ऐसे में फीफा वर्ल्ड के लिए उसके अभ्यास सत्र पर गहरा प्रभाव पड़ा और वो लटक गया। इसके बाद मेक्सिको के राष्ट्रपति क्लाइडिया शिनबाम ने मानवता व खेल भावना का परिचय देते हुए मई माह में ईरान फुटबॉल टीम को अपने यहां आने का न्योता दिया। मेक्सिको की इस बड़ी मदद के बाद ईरानी टीम वर्ल्ड कप की तैयारियों को अंतिम रूप दे सकी। बता दे कि इस बार अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में खेला जाएगा।



