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‘बच्चों के लिए नहीं है’, यश ने ‘टॉक्सिक’ के बोल्ड कंटेंट पर दिया जवाब, बोले- महिलाओं की इच्छाओं पर बात करना टैबू क्यों..

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निर्देशक गीतू मोहनदास की गैंगस्टर फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज में अब सिर्फ एक हफ्ता बाकी है। फिल्म को लेकर अभिनेता यश के फैंस काफी उत्साहित हैं, क्योंकि यह साल 2022 में आई ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ के बाद उनकी पहली फिल्म है। फिल्म को लेकर शुरुआत से ही काफी चर्चा थी, लेकिन इसके विजुअल प्रमोशनल मटेरियल सामने आने के बाद विवाद और भी बढ़ गया।

कई लोगों ने फिल्म में महिलाओं को कथित तौर पर ज्यादा बोल्ड तरीके से दिखाने और इंटीमेट सीन्स पर सवाल उठाए। अब यश ने इन विवादों पर बात की है और कहा है कि यह फिल्म सिर्फ एडल्ट दर्शकों के लिए है। उन्होंने बताया कि फिल्म की टैगलाइन ‘फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ से यह बात पहले ही साफ कर दी गई थी।

बच्चों के लिए नहीं है ‘टॉक्सिक’

आप की अदालत में बात करते हुए यश ने कहा, “मुझे लगता है कि कला को ऐसे सवाल पूछने चाहिए, जो लोगों को असहज कर दें और आपको आपके मन की गहराई तक सोचने पर मजबूर करें। वहां, आपका सामना कुछ ऐसी उलझनों से होगा, जिन्हें सुलझाने का मौका सिर्फ कला ही दे सकती है।” एक्टर के मुताबिक, किसी कहानी को एक खास मुकाम तक पहुंचाने के लिए उसके हर किरदार की परत को सही तरीके से दिखाना जरूरी होता है। वह मानते हैं कि कहानियां पूरी ईमानदारी और वास्तविक तरीके से बताई जानी चाहिए।

यश ने फिर से कहा कि ‘टॉक्सिक’ सिर्फ बड़ों के लिए है, बच्चों के लिए नहीं है। अभिनेता ने कहा, “हमने फिल्म के टाइटल के साथ यह टैगलाइन भी दी है कि टॉक्सिक एक ‘फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स’ है। हमने साफ कर दिया है कि यह फिल्म बच्चों के लिए नहीं है और न ही उन बड़ों के लिए है, जिनकी सोच अभी बच्चों जैसी है।”

यश ने आगे कहा, “बच्चों को ‘टॉक्सिक’ से बिल्कुल दूर रहना चाहिए। बच्चों, प्लीज घर पर ही रहें। हमने यह फिल्म उनके लिए नहीं बनाई है। बड़े लोग जो सब समझते हैं, वे तय कर सकते हैं कि वे क्या देखना चाहते हैं और ‘टॉक्सिक’ से क्या सीखना चाहते हैं। यह एक सच्ची फिल्म है जिसकी कहानी बहुत गहरी है।”

कर्नाटक स्टेट महिला आयोग के पत्र का भी दिया जवाब

यश ने ‘टॉक्सिक’ के टीजर में दिखाए गए अश्लील सीन्स को लेकर कर्नाटक स्टेट महिला आयोग ने जो केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को पत्र लिखा था उस पर भी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता ने कहा, “जब लोग फिल्म देखेंगे, तो वे समझेंगे कि महिलाओं के लिए अपनी इच्छाओं के बारे में बात करना आज भी एक तरह का टैबू माना जाता है। ऐसी चीजों पर केवल पुरुषों को ही चर्चा करने का अधिकार है।

आपको यह ध्यान रखना होगा कि ‘टॉक्सिक’ की निर्देशक एक महिला हैं और उनका मानना ​​है कि महिलाओं की इच्छाएं और कल्पनाएं उनका अधिकार हैं। अगर कोई महिला अपनी इच्छाओं को जाहिर करने से डरती है, तो यह भी गलत है। इन सीन्स के पीछे का मकसद साफ है और ये जरूरी सवाल उठाने के लिए किए गए हैं न कि दिखावे के लिए। साथ ही सिनेमा में मनोरंजन भी जरूरी है।”

बदलाव इंसान की फितरत का हिस्सा: यश

यश ने अपने उस पुराने कमेंट पर भी बात की, जिसमें उन्होंने कहा था कि इंटीमेट सीन करने में उन्हें घबराहट होती है। अभिनेता ने कहा, “अब मैं 100 परसेंट बदल चुका हूं। लोग बदलते रहते हैं। जो कोई भी कहता है कि वह 20 साल में जरा भी नहीं बदला, वह झूठ बोल रहा है। बदलाव इंसान की फितरत का हिस्सा है। 10 साल पहले आप जो मानते थे, वह अब तक बदल चुका होगा। हो सकता है कि एक हफ़्ते पहले आपकी जो सोच थी, उसमें भी बदलाव आ गया हो।”

कब रिलीज होगी ‘टॉक्सिक’

नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत जैसे अहम कलाकारों वाली फिल्म ‘टॉक्सिक’ दुनिया भर में बुधवार 26 अगस्त को रिलीज होगी।

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