
रामानंद सागर की ‘रामायण’ से मशहूर हुए अभिनेता सुनील लहरी ने जेन जी और जेन अल्फा जैसे शब्दों को लेकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि नई पीढ़ी को इन नामों से बुलाने से वे अपनी जड़ों और संस्कृति से दूर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल होना चाहिए, जो हमारी संस्कृति और पहचान से जुड़े हों।
क्या बोले सुनील लहरी
दरअसल, सुनील लहरी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा, “जेन जी और जेन अल्फा ये किस तरह के शब्दों से हम अपनी आने वाली नई पीढ़ी को संबोधित कर रहे हैं। ये शब्द हमारी संस्कृति नहीं है। इस तरह के शब्दों के इस्तेमाल से हम अपनी आने वाली पीढ़ी को हम अपने से दूर कर रहे हैं, उन्हें अपने नजदीक नहीं ला रहे हैं।”
वीडियो में सुनील लहरी ने आगे कहा, “हमें उस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए, जिससे आने वाली पीढ़ी हमारे नजदीक आए और उन्हें हमें अपनी संस्कृति और अपने संस्कारों से अवगत करना चाहिए। कहते है न कि दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे रिच सभ्यता और संस्कृति जो है वो भारतीय है। साथ ही मैं समझता हूं कि गुरुकुल व्यवस्था भी हमारे स्कूल में शमिल की जानी चाहिए। जिससे उनके अंदर अनुशासन आएगा, बड़ों के प्रति आदर सम्मान की भावना आएगी।”
लोगों ने पूछे सवाल
सुनील लहरी की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर अब नई बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया, तो वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल किया कि उन्हें जेन जी और जेन अल्फा जैसे शब्दों से आखिर आपत्ति क्यों है।
कौन हैं सुनील लहरी?
सुनील लहरी को रामानंद सागर की मशहूर टीवी सीरियल ‘रामायण’ में लक्ष्मण का किरदार निभाने के लिए जाना जाता है। इस शो में उनके साथ अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया भी नजर आए थे। 1987 में पहली बार प्रसारित हुआ यह शो कोरोना महामारी के दौरान दोबारा टीवी पर दिखाया गया था। इससे नई पीढ़ी भी इस मशहूर सीरियल से जुड़ी, वहीं पुराने दर्शकों की यादें भी ताजा हो गईं।



