मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने रिकॉर्ड तोड़ने वाले स्टॉक मार्केट डेब्यू में एक और उपलब्धि हासिल की है. यह सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बेस वाली भारतीय कंपनी बन गई है. अपने IPO के बाद, 79.6 लाख शेयरधारकों के साथ, यह टेलीकॉम कंपनी दलाल स्ट्रीट की उन कंपनियों से आगे निकल गई है, जिनके पास सबसे ज्यादा शेयर होल्डर हैं. इनमें टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं.

लिस्टिंग के लिए जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, अब जियो के पास 79.6 लाख शेयरहोल्डर हैं. यह टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स से आगे है, जिसके पास लगभग 66.3 लाख शेयरहोल्डर हैं. 13.3 लाख शेयरहोल्डर के इस अंतर के कारण, जियो निवेशकों की संख्या के हिसाब से देश का सबसे ज्यादा शेयरहोल्डर वाला लिस्टेड स्टॉक बन गया है. ‘रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस’ के अनुसार, IPO से पहले जियो के पास केवल 104 शेयरहोल्डर थे. उस समय इसका मालिकाना हक मुख्य रूप से रिलायंस इंडस्ट्रीज और मेटा, गूगल, KKR और सिल्वर लेक जैसे बड़े ग्लोबल निवेशकों के पास था.
शेयरधारकों की संख्या में यह तेजी भारत के सबसे बड़े IPO के बाद आई है. इस IPO में 1.38 करोड़ से ज्यादा आवेदन आए थे और एंकर तथा पब्लिक बुकबिल्डिंग प्रक्रियाओं के जरिए कुल 7.4 लाख करोड़ रुपए की मांग देखी गई थी. बुधवार को जियो के शेयर 1,358 रुपए पर लिस्ट हुए, जो 1,119 रुपए के इश्यू प्राइस से 21.36 फीसदी ज्यादा है. इससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 12.53 लाख करोड़ रुपए हो गया और यह भारत की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई. दिन के कारोबार के अंत में यह स्टॉक 1,417.35 रुपये पर बंद हुआ, जो लिस्टिंग प्राइस से 4.37 फीसदी ज्यादा है.
किन कंपनियों को छोड़ा पीछे
- शेयरधारकों की संख्या के मामले में जियो उन कंपनियों से भी आगे निकल गई है, जिन्होंने कई वर्षों में अपना बड़ा व्यक्तिगत निवेशक आधार तैयार किया है.
- सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, TMPV के अलावा वोडाफोन आइडिया के पास लगभग 57.9 लाख, यस बैंक के पास 57.6 लाख और सुजलॉन एनर्जी के पास 56 लाख शेयरधारक हैं.
- टाटा स्टील के पास लगभग 51.4 लाख शेयरधारक हैं, जबकि जियो की पैरेंट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास 50.7 लाख शेयरधारक हैं.
- अन्य कंपनियों में इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन , जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और HDFC बैंक शामिल हैं, जिनके पास बड़ी संख्या में शेयरधारक हैं.
- लिस्टिंग समारोह के दौरान, जियो प्लेटफॉर्म्स के डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कंपनी के नए शेयरधारकों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज, जियो भारत के साथ जुड़ गया है. उन्होंने उन निवेशकों और ग्राहकों को धन्यवाद दिया, जिन्होंने कंपनी की ग्रोथ में सहयोग दिया है.
अन्य बड़े IPO के मुकाबले जियो की स्थिति
- पिछले कुछ वर्षों में कई बड़े भारतीय IPO ने लाखों निवेशकों को आकर्षित किया है, लेकिन जियो के शेयरधारकों की संख्या इनसे काफी अधिक है.
- बजाज हाउसिंग फाइनेंस, जिसका 6,560 करोड़ रुपए का IPO सितंबर 2024 में 67 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था, उसके पास लिस्टिंग के बाद पहली तिमाही में 23.1 लाख शेयरधारक थे. सितंबर 2026 में इसके शेयरधारकों की संख्या 22.4 लाख थी.
- LIC, जिसने 2022 में अपने IPO के जरिए 20,557 करोड़ रुपए जुटाए थे, उसके पास सितंबर 2026 तक 21.7 लाख शेयरधारक थे.
- हुंडई मोटर इंडिया, जिसने अक्टूबर 2024 में 27,870 करोड़ रुपए के IPO के साथ जियो से पहले भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड बनाया था, उसके पास सितंबर 2026 में 7.2 लाख शेयरधारक थे.
- LG इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया, जिसके 2025 में आए 11,607 करोड़ रुपए के IPO को संस्थागत निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, उसके पास सितंबर 2026 के अंत में 8.2 लाख शेयरधारक थे.
- हाल ही में लिस्ट हुई एक और बड़ी कंपनी, टाटा कैपिटल के पास इसी अवधि में 11.5 लाख शेयरधारक थे.
रिलायंस की रिटेल निवेशकों से जुड़ी विरासत
रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास हमेशा से भारत में व्यक्तिगत शेयरधारकों का सबसे बड़ा आधार रहा है. यह परंपरा धीरूभाई अंबानी के उस प्रयास से शुरू हुई थी, जिसका मकसद भारतीय परिवारों के बीच इक्विटी के स्वामित्व को बढ़ाना था. जियो की लिस्टिंग ने निवेशकों तक इस पहुंच को अब रिलायंस ग्रुप के टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस कारोबार तक भी बढ़ा दिया है. IPO के बाद भी रिलायंस, लगभग 64.4 फीसदी हिस्सेदारी के साथ जियो की मुख्य शेयरधारक बनी हुई है. इसके अलावा, मेटा और गूगल भी कंपनी के अन्य प्रमुख निवेशक हैं.
जियो के पब्लिक इश्यू में पूरी तरह से 27 करोड़ नए शेयर शामिल थे, और मौजूदा शेयरधारकों की ओर से बिक्री के लिए कोई शेयर नहीं रखा गया था. कंपनी की योजना IPO से मिली रकम में से 27,500 करोड़ रुपए तक का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने या समय से पहले भुगतान करने के लिए करने की है.



