
रामनगर: उत्तराखंड के रामनगर में मुरादाबाद की रहने वाली नवविवाहिता कोहिनूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज के लिए हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के बुढ़नपुर गांव निवासी नसीम अहमद की बेटी कोहिनूर का निकाह 16 मई को रामनगर के गैस गोदाम रोड निवासी उवेश के साथ हुआ था। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग की जा रही थी।
बाइक और पांच लाख रुपये मांगने का आरोप
मृतका के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि शादी में अपनी सामर्थ्य के अनुसार दहेज देने के बावजूद ससुराल वाले बुलेट मोटरसाइकिल और पांच लाख रुपये की मांग कर रहे थे। इसी बात को लेकर कोहिनूर को कथित तौर पर परेशान किया जा रहा था।
परिवार की शिकायत के मुताबिक, 16 अक्टूबर को विवाद बढ़ने के बाद कोहिनूर की हत्या कर दी गई। मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि घटना के बाद मामले को आत्महत्या दिखाने की कोशिश भी की गई।
पति-पत्नी के बीच विवाद की बात आई सामने
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच और पूछताछ के दौरान दहेज की मांग तथा पारिवारिक मामलों को लेकर कोहिनूर और उसके पति के बीच विवाद की जानकारी सामने आई। घटना वाले दिन भी दोनों के बीच कहासुनी होने की बात कही गई है, जिसमें परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हुए थे।
पुलिस के मुताबिक, जांच में यह आरोप भी सामने आया कि कोहिनूर की हत्या के बाद उसके गले में दुपट्टा बांधकर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया। पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पति, सास, जेठ और ननद गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने कोहिनूर के पति उवेश, सास नसरीन, जेठ अनस और ननद शबा को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया की जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच और गिरफ्तारी में शामिल टीम की सराहना की है। वहीं, शादी के कुछ ही महीनों बाद नवविवाहिता की मौत से उसके मायके में मातम पसरा हुआ है।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत द्वारा किया जाएगा।



