
अमेरिका: कैलिफोर्निया में भारतीय मूल के एक व्यक्ति पर अपनी पत्नी की हत्या करने और सबूत मिटाने के आरोप लगे हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पत्नी के लापता होने पर अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE का नाम लिया था। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर उसके बयानों में कई विसंगतियां सामने आईं और मामले ने नया मोड़ ले लिया।
आरोपी की पहचान 28 वर्षीय गुरिंदर गिल के रूप में हुई है, जबकि उसकी पत्नी का नाम जैस्मीन गिल (30) बताया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों के बीच तलाक और बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा था। वे कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो इलाके में रहते थे।
पत्नी के लापता होने पर ICE पर लगाया आरोप
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैस्मीन के लापता होने के बाद गुरिंदर ने दावा किया कि अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के अधिकारी उन्हें हिरासत में लेकर चले गए हैं। इस दावे के बाद मामले की जांच शुरू हुई।
जब जांचकर्ताओं ने संबंधित एजेंसी से संपर्क किया, तो कथित हिरासत की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के बयानों की पड़ताल की। जांच के दौरान उसके दावों में कई विसंगतियां मिलीं और पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद की जानकारी भी सामने आई।
जंगल में मिले जले हुए अवशेष
पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर को एल डोराडो काउंटी में जले हुए मानव अवशेष बरामद हुए थे। जांच के बाद उनकी पहचान जैस्मीन गिल के रूप में की गई। इसके बाद मामले की जांच ने गंभीर रूप ले लिया।
पुलिस ने गुरिंदर को 14 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया। उस पर पत्नी की हत्या और जांच को गुमराह करने से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है।
तलाक और बच्चे की कस्टडी को लेकर था विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दंपती के बीच तलाक और बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा था। जैस्मीन के लापता होने की सूचना उनके चचेरे भाई ने पुलिस को दी थी। बताया गया है कि उन्हें आखिरी बार 30 सितंबर को सैक्रामेंटो स्थित घर पर देखा गया था।
परिवार ने जैस्मीन की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि वह बेहतर जिंदगी की हकदार थीं।
ICE ने भी मामले पर दी प्रतिक्रिया
रिपोर्ट के मुताबिक, ICE ने आरोपी के दावों की आलोचना की और कहा कि इस तरह की घटनाएं एजेंसी के काम को लेकर गलत धारणा पैदा कर सकती हैं। हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों और सबूतों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है।



