
कानपुर। कानपुर विकास प्राधिकरण के विस्तारित विकास क्षेत्र में शामिल 80 राजस्व गांवों के करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार, मास्टर प्लान तैयार होने के बाद इन गांवों में भविष्य के विकास की दिशा तय होगी और आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक सहित विभिन्न गतिविधियों के लिए भूउपयोग निर्धारित किया जाएगा।
मास्टर प्लान तैयार करने के लिए नियुक्त टाउन प्लानिंग, GIS एवं अन्य तकनीकी विशेषज्ञों की टीम इन दिनों विस्तारित क्षेत्र में फील्ड सर्वे और ग्राउंड सत्यापन कर रही है। सर्वे के दौरान मौजूदा आबादी, सड़क नेटवर्क, वर्तमान भूउपयोग, कॉलोनियों, औद्योगिक इकाइयों, शिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक गतिविधियों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य प्रमुख निर्माणों की स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है।
इन तहसीलों के 80 गांव हैं शामिल
कानपुर सदर: हरदौली, टीकर मघई।
नर्वल: अमौर, कुन्दौली, चिरली, तरगांव नर्वल, तेलियावर, बेहटा गम्भीरपुर, रसूलपुर जाजमऊ, राजेपुर, लक्षमनखेड़ा, सेमरा, बड़ा गांव, कुशमरा, महोली, नौगांव गौतम, पुरवामीर, सिकठिया और तिवारीपुर सलेमपुर।
बिल्हौर: अमिलिहा, आलमपुर, इटरा, इन्दलपुर जाजमऊ, उमरी, कुर्मीखेड़ा कलां, गजेनपुर, गोगूमऊ, गोविन्देपुर, चककाजी अचलीहा, चक गोविन्देपुर, चक बेला, चक हजरतपुर, चौधरीपुर, चौबेपुर पच्छिम, ताजपुर, तिघरा, दरियापुर बिठूर, दिलावरपुर टोसवा, देवपालपुर, नाढ़ूपुर, नाथूपुर, पीरकपुर, पूरा गनू, विषुनपुर, बूढ़नपुर, बैदानी, भिखारीपुर, मकरन्दपुर, महाराजपुर, मालौं, राय गोपालपुर, रामपुर किशोर सिंह, रुद्रापुर, सराय छीतम, हरदासपुर, हृदयपुर मजरा गोगूमऊ और पूरा सुबंश।
अकबरपुर : गोईनी, फतेहपुर रोशनाई , रायपुर कुकहट , शेरपुर तरौदा , चकसरवल, चिरौरा , देवकली, धन्जुवा , बिसायकपुर और मुबारकपुर लाटा ।
मैथा : खरगपुर बिठूर, चक टोडपुर, चक रतनपुर, टोडपुर, ढिकिया, पिटरापुर, भाऊपुर, मलिकपुर, रास्तपुर, रंजीतपुर, शेखपुर, सिंहपुर दिवनी और हृदयपुर म० प्रतापपुर।
पहले से बनी फैक्ट्रियां और शिक्षण संस्थान भी प्लानिंग के दायरे में
खास बात यह है कि मास्टर प्लान केवल भविष्य में होने वाले नए निर्माण और विकास तक सीमित नहीं रहेगा। मास्टर प्लान तैयार करते समय विस्तारित क्षेत्र में पहले से स्थापित फैक्ट्रियों, औद्योगिक इकाइयों, स्कूलकॉलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, आवासीय कॉलोनियों तथा अन्य प्रमुख निर्माणों और वर्तमान गतिविधियों का भी सर्वे एवं अध्ययन किया जा रहा है। इन मौजूदा गतिविधियों की स्थिति के साथ क्षेत्र की भविष्य की आवश्यकताओं, आसपास के विकास, सड़क एवं यातायात व्यवस्था तथा नियोजन मानकों को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान में इनके भूउपयोग के संबंध में क्या प्रस्ताव किया जा सकता है, इस पर विचार किया जाएगा।
इनकी मौजूदा स्थिति और उपयोग का अध्ययन करते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप क्षेत्र के लिए प्रस्तावित भूउपयोग की रूपरेखा तैयार की जाएगी। हालांकि, किसी मौजूदा निर्माण की वैधानिक स्थिति संबंधित स्वीकृतियों और लागू नियमों के अनुसार ही तय होगी।
जमीन खरीदने वालों के लिए भूउपयोग जानना होगा महत्वपूर्ण
मास्टर प्लान में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, शैक्षणिक, सार्वजनिकअर्द्धसार्वजनिक, सड़क एवं परिवहन, पार्क व खुले क्षेत्र सहित अन्य भूउपयोगों की भविष्य की रूपरेखा तय की जाएगी। मास्टर प्लान लागू होने के बाद नए विकास और भवन/लेआउट मानचित्रों की स्वीकृति में निर्धारित भूउपयोग और लागू विकास नियम महत्वपूर्ण होंगे।
ऐसे में इन गांवों में जमीन खरीदनेबेचने, फैक्ट्री या संस्थान स्थापित करने, कॉलोनी विकसित करने अथवा अन्य निर्माण की योजना बनाने वालों के लिए मास्टर प्लान बेहद अहम होगा। जमीन में निवेश से पहले संबंधित भूमि के स्वीकृत भूउपयोग और लागू नियमों की जानकारी लेना भविष्य में होने वाली परेशानी से बचा सकता है।
करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का यह मास्टर प्लान कानपुर के शहरी विस्तार की नई दिशा तय करेगा। इसके दायरे में आने वाले 80 गांवों में मौजूदा विकास को ध्यान में रखते हुए भविष्य के आवास, रोजगार, उद्योग, शिक्षा, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के सुनियोजित विकास की रूपरेखा तैयार होगी।
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