गर्मियां आते ही फ्रिज के ठंडे पानी की जगह मिट्टी के मटके का सोंधासोंधा पानी हर किसी की पहली पसंद बन जाता है। लेकिन जब हम बाजार में मटका खरीदने जाते हैं, तो हमारे सामने दो विकल्प होते हैं पहला काला मटका और दूसरा लाल मटका। अक्सर लोग इस बात को लेकर कंफ्यूजन में रहते हैं कि किस रंग के मटके में पानी ज्यादा और जल्दी ठंडा होता है। अगर आप भी इस सीजन में अपने लिए एक नया मटका खरीदने की सोच रहे हैं तो यहां जान लें किस मटके में पानी ज्यादा ठंडा रहता है।

मटके में पानी ठंडा होने का साइंस
चाहे काला मटका हो या लाल, दोनों के पानी ठंडा करने का मूल सिद्धांत एक ही है वाष्पीकरण। मिट्टी के बर्तनों में हजारों छोटेछोटे सूक्ष्म छिद्र होते हैं। इन छिद्रों से पानी रिसकर मटके की बाहरी सतह पर आता है और बाहर की गर्मी से भाप बनकर उड़ जाता है। इस वाष्पीकरण की प्रक्रिया के कारण मटके के अंदर का तापमान गिर जाता है और पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा हो जाता है।
लाल मटका
लाल मटके को बनाने के लिए सामान्य चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है। इसे भट्टी में सीधे पकाया जाता है, जिससे इसका रंग प्राकृतिक रूप से लाल या नारंगी हो जाता है। इसकी खासियत यह होती है कि लाल मटके में छिद्रों की संख्या सही मात्रा में होती है, जिससे वाष्पीकरण की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। यह पानी को एक संतुलित और सेहतमंद तापमान पर ठंडा करता है, जो गले और पेट के लिए फायदेमंद माना जाता है।
काला मटका
काले मटके को बनाने की प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है। इसे भट्टी में पकाते समय पूरी तरह से ढक दिया जाता है, जिससे ऑक्सीजन अंदर नहीं जा पाती और धुएं के कारण इसका रंग पूरी तरह काला हो जाता है। कई जगहों पर इसे काली मिट्टी से भी बनाया जाता है। काले मटके की मिट्टी को खास तरह से थपथपाकर तैयार किया जाता है, जिससे इसके छिद्र लाल मटके की तुलना में थोड़े अधिक एक्टिव होते हैं। ब्लैक बॉडी रेडिएशन के कारण, कई बार काला मटका लाल मटके की तुलना में पानी को थोड़ा अधिक और जल्दी ठंडा करता है।
आपके लिए कौन सा बेहतर है?
यदि आपको बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीना पसंद है और आप फ्रिज का पानी पीने से बचना चाहते हैं, तो आपको काला मटका चुनना चाहिए। यह पानी को तेजी से और अधिक ठंडा करता है। वहीं, अगर आपको सामान्य ठंडा और सोंधा पानी पसंद है, तो लाल मटका आपके लिए सबसे बेस्ट है।
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