
गलत लाइफस्टाइल, घंटों एक ही जगह बैठकर काम करने और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण आजकल कमर दर्द और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं बेहद आम हो गई हैं। अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो यह समस्या क्रोनिक पेन का रूप ले सकती है। योग और प्राणायाम के नियमित अभ्यास से न केवल कमर के निचले हिस्से की मांसपेशियों में खिंचाव और मजबूती आती है, बल्कि रीढ़ की हड्डी का लचीलापन भी बेहतर होता है। योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार, सही तकनीक और सावधानियों के साथ किए गए योगाभ्यास कमर दर्द से राहत दिलाने और हड्डियों की कार्यक्षमता को बनाए रखने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं। आइए बाबा रामदेव से जानते हैं ऐसे ही 3 प्रमुख योगासनों के बारे में और उन्हें करते समय कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए।
कमर दर्द में भुजंगासन करें
बाबा रामदेव ने बताया भुजंगासन (Cobra Pose) को कमर और रीढ़ के लिए उपयोगी योगासन माना जाता है। उनके अनुसार, नियमित रूप से सही तकनीक से भुजंगासन करने से कमर की मांसपेशियों में खिंचाव और मजबूती आने में मदद मिल सकती है। इस योगासन को करने से कमर की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। भुजंगासन में धड़ को ऊपर उठाने से पीठ और कमर की मांसपेशियों में नियंत्रित स्ट्रेच आता है। यह योगासन रीढ़ को पीछे की ओर एक्सटेंशन देता है, जिससे उसकी गतिशीलता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। नियमित अभ्यास से बैक मसल्स की ताकत और सहनशीलता बेहतर हो सकती है और पोश्चर में सुधार होता है। इसे रोज करने से मांसपेशियों की जकड़न और stiffness को कम करने में मदद मिल सकती है।
इस बात का रखें ध्यान: भुजंगासन हर तरह के कमर दर्द का इलाज नहीं है। अगर दर्द बहुत तेज है, पैर में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी है, दर्द पैर तक जाता है, या रीढ़ की कोई समस्या है, तो बिना विशेषज्ञ की सलाह के यह आसन न करें। दर्द बढ़ने पर तुरंत रोक दें।
बालासन कीजिए
बाबा रामदेव के योग संबंधी अभ्यासों में बालासन (Child’s Pose) को कमर और पीठ की मांसपेशियों को आराम देने वाला आसन माना जाता है। उनके अनुसार, इसे नियमित और सही तरीके से करने से कमर की जकड़न कम होती है और रीढ़ और आसपास की मांसपेशियों को रिलैक्स करने में मदद मिल सकती है। बालासन में शरीर आगे की ओर झुकता है, जिससे पीठ और कमर की मांसपेशियों को हल्का स्ट्रेच मिलता है।
लंबे समय तक बैठने या गलत पोश्चर के कारण होने वाली stiffness में यह आराम दे सकता है। इस योगासन को करने से रीढ़ पर कम दबाव पड़ता है और पीठ को आराम मिलता है। इसका हल्का स्ट्रेच रीढ़ और आसपास के soft tissues की मोबिलिटी बनाए रखने में मददगार हो सकता है। ये एक आरामदायक योग मुद्रा है, इसलिए इससे शरीर और मन को रिलैक्स करने में मदद मिल सकती है।
ध्यान रखें: बालासन हर तरह के कमर दर्द का इलाज नहीं है। अगर कमर दर्द बहुत तेज है, पैर में दर्द,सुन्नपन या कमजोरी है, चोट लगी है या दर्द लगातार बना हुआ है, तो योगासन करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लेना बेहतर है।
मकरासन कीजिए
बाबा रामदेव ने बताया मकरासन (Crocodile Pose) को कमर और पीठ को आराम देने वाला योगासन माना जाता है। इसमें शरीर को पेट के बल आराम की स्थिति में रखा जाता है, जिससे कमर और रीढ़ पर अनावश्यक तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। मकरासन में शरीर रिलैक्स रहता है, जिससे पीठ और कमर की मांसपेशियों के तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। लंबे समय तक बैठने या खड़े रहने से होने वाली stiffness को कम करने में यह योगासन मदद करता है।पेट के बल आराम की मुद्रा में रहने से पीठ को आराम मिलता है। मांसपेशियों की थकान कम होती है और शरीर रिलेक्स रहता है। धीमी और गहरी सांसों के साथ करने पर यह शरीर को शांत और तनाव मुक्त करने में सहायक हो सकता है।
इस बात का रखें ध्यान: मकरासन को कमर दर्द का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। अगर दर्द बहुत तेज है, पैर तक फैल रहा है या पैर में सुन्नपन, झनझनाहट या कमजोरी है, तो योगासन करने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लें।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य और योग संबंधी जागरूकता के लिए है। योगासन कमर दर्द के कारण और गंभीरता के अनुसार अलग-अलग प्रभाव डाल सकते हैं। इन्हें सही तकनीक और विशेषज्ञ की सलाह से ही करें। तेज दर्द, चोट, पैर में सुन्नपन,झनझनाहट या कमजोरी जैसी समस्या होने पर डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से परामर्श लें। योग किसी चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं है।



