Satya Report: बदलते मौसम या धूलमिट्टी के कारण होने वाली सामान्य खांसी कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन अगर आपकी खांसी हफ्तों तक पीछा नहीं छोड़ रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करें। अक्सर लोग लंबी खांसी को साधारण एलर्जी समझकर घरेलू नुस्खों में समय बर्बाद करते हैं, जबकि यह ट्यूबरकुलोसिस का शुरुआती लक्षण हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, टीबी का सही समय पर पता चलना ही इसके सफल इलाज की पहली सीढ़ी है। खांसी एक आम समस्या है जो सामान्य सर्दीजुकाम का हिस्सा होती है, लेकिन कुछ मामलों में यह टीबी जैसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक स्रोतों या विशेषज्ञों से मिली जानकारी पर आधारित है। कोई भी नई दवा या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
गैस्ट्रो लिवर हॉस्पिटल के सीनियर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. वी.के. मिश्रा के मुताबिक अगर खांसी लंबे समय तक बनी रहती है तो यह शरीर में किसी गंभीर संक्रमण या बीमारी का संकेत हो सकती है। इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि नॉर्मल खांसी और टीबी की खांसी में फर्क कैसे करें।
कब खांसी को गंभीर मानें?
अगर आपकी खांसी 2–3 हफ्तों से ज्यादा समय तक बनी रहती है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। खासकर खांसी के साथ ये लक्षण भी दिखते हैं जैसे
- लगातार बलगम आना
- बलगम में खून आना
- बुखार या रात में पसीना आना
- बिना वजह वजन कम होना
- सीने में दर्द या भारीपन
- ये सभी लक्षण Tuberculosis के संकेत हो सकते हैं। तुरंत आप डॉक्टर को दिखाएं और टेस्ट कराएं।
टीबी की खांसी और नॉर्मल खांसी की पहचान कैसे करें
खांसी की अवधि है सबसे बड़ी पहचान
नॉर्मल खांसी आमतौर पर 5–7 दिन में ठीक हो जाती है और ज्यादा से ज्यादा 1–2 हफ्ते तक रहती है। लेकिन टीबी की खांसी 2 हफ्ते से ज्यादा समय तक लगातार बनी रहती है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। World Health Organization की ग्लोबल ट्यूबरकुलोसिस रिपोर्ट और Infectious Disease Clinics में प्रकाशित शोध के अनुसार, 2 सप्ताह से अधिक की खांसी को “सबएक्यूट” माना जाता है। रिसर्च बताती हैं कि फेफड़ों की टीबी के 6090% रोगियों में लगातार खांसी ही सबसे पहला लक्षण होती है। सामान्य वायरल ब्रोंकाइटिस 10 दिनों के अंदर खुद ही ठीक होने लगता है।
खांसी के साथ बलगम और खून आना
सामान्य खांसी में हल्का बलगम आ सकता है, लेकिन उसमें खून नहीं होता। अगर खांसी के साथ बलगम में खून दिखाई देता है तो ये टीबी की खांसी के संकेत हो सकते हैं इसे नजरअंदाज नहीं करें। American Family Physician के जनरल के मुताबिक, खांसी के साथ खून आना फेफड़ों के ऊतकों के टूटने का संकेत है।
बुखार के पैटर्न से करें खांसी की पहचान
नॉर्मल खांसी में हल्का बुखार हो सकता है, जो कुछ दिनों में ठीक हो जाता है। लेकिन टीबी में शाम के समय बुखार बढ़ना और ठंड लगना आम लक्षण है। Journal of Clinical Microbiology के अनुसार टीबी बैक्टीरिया शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है। रिसर्च के मुताबिक टीबी के मरीजों में ‘सर्कैडियन साइटोकाइन’ रिलीज होने के कारण शरीर का तापमान अक्सर शाम के समय 38°C के आसपास बढ़ जाता है, जो रात में पसीने के साथ उतरता है।
वजन और भूख पर भी दिखता है असर
सामान्य खांसी में वजन और भूख पर खास असर नहीं पड़ता लेकिन टीबी की खांसी में तेजी से वजन कम होता है और भूख में कमी देखी जाती है। The Lancet में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, टीबी शरीर में ‘हाइपरमेटाबॉलिज्म’ पैदा करती है। टीबी बैक्टीरिया शरीर के ऊर्जा भंडार को तेजी से खर्च करता है, जिससे बिना किसी डाइट या एक्सरसाइज के वजन 510% तक गिर जाता है।
छाती में दर्द होना भी है पहचान
नॉर्मल खांसी आमतौर पर गले तक सीमित रहती है और छाती में दर्द नहीं होता लेकिन अगर खांसतेखांसते आपकी छाती में भी दर्द होता है तो ये टीबी की खांसी के लक्षण हो सकते हैं।
टीबी की खांसी में छाती या फेफड़ों में दर्द महसूस हो सकता है।
कब कराएं जांच?
अगर आपको खांसी 2 हफ्ते से ज्यादा समय से है, साथ में बुखार, वजन कम होना या बलगम में खून आ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। टीबी की पहचान बलगम टेस्ट, एक्सरे या जीन एक्सपर्ट टेस्ट से आसानी से हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक स्रोतों या विशेषज्ञों से मिली जानकारी पर आधारित है। कोई भी नई दवा या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।



