
लखनऊ, अमृत विचार : सर्वोच्च न्यायालय की सख्ती के बाद हरकत में आया लखनऊ विकास प्राधिकरण जोन4 अंतर्गत अलीगंज में भूउपयोग के विपरीत बने अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलेगा। प्राधिकरण ने गोपनीय तरीके से 51 व्यावसायिक निर्माण चिह्नित किए है। इन अवैध निर्माणों की विहित प्राधिकारी न्यायालय से फाइलें निकालकर कार्रवाई की कार्ययोजना तैयार कर ली है। जल्द सर्वोच्च न्यायालय की टीम शहर आकर क्षेत्र में अवैध निर्माणों का सर्वे करेगी।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद तेज हुई कार्रवाई
सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार केस की सुनवायी करते हुए लखनऊ समेत देश के अन्य महानगरों में अवैध निर्माण के प्रकरणों को लेकर सक्षम विभाग के अधिकारियों को तलब किया था। प्रकरण की सुनवायी के दौरान न्यायालय ने 22 जून 2026 को अलीगंज के सेक्टरडी में आवासीय भूखंड पर बने अवैध व्यावसायिक काॅम्पलेक्स में अग्निकांड की घटना पर सख्त रूख अपनाया है।
51 अवैध निर्माणों की रिपोर्ट कोर्ट में पेश
इस प्रकरण में एलडीए ने न्यायालय के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए अवगत कराया कि अलीगंज क्षेत्र में आवासीय भूउपयोग में मानकों के विपरीत बने 51 व्यावसायिक निर्माण चिन्हित किए हैं। इस पर न्यायालय ने समस्त प्रकरणों में की गयी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिये हैं। जिन मामलों में सक्षम न्यायालय से किसी भी तरह का स्टे ऑर्डर जारी नहीं है, उन पर नियमानुसार सीलिंग/ध्वस्तीकरण की कार्रवाई प्रचलित की जाएगी। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय की टीम शहर आकर अलीगंज क्षेत्र में अवैध निर्माणों का सर्वे करेगी।
गोपनीय निरीक्षण कर तैयार की जा रही रणनीति
उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि न्यायालय के निर्देश पर अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की योजना तैयार की है। गुरुवार को प्रवर्तन जोन4 की टीम ने गोपनीय तरीके से स्थल निरीक्षण करके निर्माण कार्यों का मुआयना किया था। भवनों में अध्यासन की वर्तमान स्थिति और कार्रवाई में लगने वाली मशीनरी और मैन पाॅवर के सम्बंध में प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार करा रहे हैं।



