उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या से चुनाव लड़ने का चैलेंज स्वीकार करते हुए कहा कि आइए आपको ऑफर देता हूं, आप भी अयोध्या से नामांकन करिए और मैं भी, चलिए एक बार किस्मत आजमा लेते हैं. बलरामपुर में सीएम योगी ने कहा कि अखिलेश हमें कहते हैं कि मुख्यमंत्री अयोध्या से चुनाव लड़ कर दिखाएं, अखिलेश जी अयोध्या हमारा पावन धाम है, हम सियासत के लिए नहीं, विकास के लिए अयोध्या जाते हैं. उन्होंने कहा कि अयोध्या हमारी आस्था की स्थली है, चुनाव लड़ने के लिए नहीं.

दरअसल, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सीएम योगी को 2027 का विधानसभा चुनाव अयोध्या से लड़ने की सलाह दी थी. बलिया में एक कार्यक्रम में बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि अगर योगी आदित्यनाथ को अयोध्या की जनता का समर्थन मिलने का भरोसा है, तो उन्हें यहां से चुनाव लड़ना चाहिए.
‘अयोध्या में आपकी तरफ से कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता’
अखिलेश ने शनिवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘अयोध्या में ‘चढ़ावाचंदादान’ चोरों को हराने के लिए हमारा एक युवा ‘पीडीए प्रहरी’ ही काफी है. चोरों को क्लीन चिट देनेवाले दरअसल हिस्सेदार होते हैं. दूध का दूध, पानी का पानी तो हुआ नहीं, इस बार जनता घमंड का सारा पानी उतार देगी. लोकसभा भूल गए क्या? और बाकी कसर अयोध्या की वो माताएं पूरा कर देंगी, जिन्होंने सरेआम दुखी मां का अपमान करते हुए दुर्व्यवहारी दंभियों को देखा है. अपने इंटरनल सर्वे में आपको ये बात पता चली कि नहीं कि अयोध्या में आपकी तरफ से कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता है. पावन स्थलों पर वनस्पतिजीवियों का कोई काम नहीं’.
पवन का झोंका आएगा
अंहकार सब उड़ जाएगाअयोध्या में चढ़ावाचंदादान चोरों को हराने के लिए हमारा एक युवा पीडीए प्रहरी ही काफ़ी है। चोरों को क्लीन चिट देनेवाले दरअसल हिस्सेदार होते हैं। दूध का दूध, पानी का पानी तो हुआ नहीं, इस बार जनता घमंड का सारा पानी उतार देगी। लोकसभा भूल गये क्या?
और बाक़ी कसर अयोध्या की वो माताएं पूरा कर देंगी जिन्होंने सरेआम दुखी माँ का अपमान करते हुए दुर्व्यवहारी दंभियों को देखा है।
अपने इंटर्नल सर्वे में आपको ये बात पता चली कि नहीं कि अयोध्या में आपकी तरफ़ से कोई चुनाव नहीं लड़ना चाहता है।
पावन स्थलों पर वनस्पतिजीवियों का कोई काम नहीं।
— Akhilesh Yadav October 10, 2026
अखिलेश बोले ये चुनौती नहीं, राजनीतिक सलाह
मीडिया को संबोधित करते हुए अखिलेश ने ये भी कहा, ‘कृपया इसे चुनौती न कहें. यह उन्हें दी गई राजनीतिक सलाह थी. अगर वो अयोध्या के लोगों के साथ इतने सहज हैं और अगर उन्होंने कहा है कि सच्चाई 15 दिनों के भीतर सामने आ जाएगी, तो उन्हें अगले चुनाव में वहीं से चुनाव लड़ने का फैसला लेना चाहिए’.
अखिलेश ने आगे कहा, ‘अयोध्या के लोग विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि शहर को अंतरराष्ट्रीय पहचान और मान्यता मिल सकती थी. अयोध्या के लोगों के साथ जो व्यवहार किया गया है, वह भेदभावपूर्ण है’. उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे से संबंधित आरोपों की आलोचना करते हुए कहा कि मंदिर के बाहर बैठा भिखारी भी चढ़ावा नहीं चुराता.
अखिलेश ने 2027 में बदलाव का जताया भरोसा
अखिलेश ने आगामी यूपी चुनावों को लेकर विश्वास जताते हुए कहा कि 2027 में बदलाव आएगा. उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्यावासियों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार नहीं होना चाहिए था. उन्होंने आगे कहा, ‘उनकी दुकानें छीन ली गईं, उनके घर ध्वस्त कर दिए गए और उनकी जमीनें अधिग्रहित कर ली गईं, लेकिन उन्हें बाजार दर पर मुआवजा नहीं दिया गया. इसीलिए मैंने कहा था कि अगर मुख्यमंत्री अयोध्या को लेकर इतने आश्वस्त हैं, तो उन्हें यहां से चुनाव लड़ने का फैसला लेना चाहिए. यह कोई चुनौती नहीं है, बल्कि एक सलाह है’.



