Ram Mandir Donation Controversy: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में समाजवादी पार्टी के विधायक जय किशन साहू ने अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर भाजपा और मंदिर प्रबंधन पर तीखा हमला बोला। लोहिया भवन में आयोजित एक बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि, भगवान राम ने अखिलेश यादव को ज्ञान और सूचना दी तब जाकर आज इस चंदा चोरी के मामले का खुलासा हुआ है।

जय किशन साहू ने आरोप लगाया कि यदि सपा प्रमुख अखिलेश यादव इस मुद्दे को नहीं उठाते, तो मामला दबकर रह जाता। उन्होंने कहा कि इस विवाद के सामने आने के बाद ही करोड़ों लोगों को कथित गड़बड़ी की जानकारी मिल सकी।
चंपत राय और मंदिर समिति पर लगाए आरोप
सपा विधायक ने निर्माण समिति से जुड़े चंपत राय पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी। उनका आरोप था कि इस मामले में केवल छोटे लोगों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि बड़े लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चंपत राय के खिलाफ कार्रवाई होती है, तो कई बड़े नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं।
नितिन नबीन के अयोध्या न जाने पर उठाए सवाल
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के लखनऊ दौरे के दौरान अयोध्या न जाने को लेकर भी जय किशन साहू ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर देशभर के श्रद्धालुओं ने मंदिर निर्माण के लिए बड़ी राशि दान की है और दान से जुड़े विवादों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। सपा विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर समिति को मिले दान और दानपेटी से जुड़े मामलों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी के बयान पर भी किया पलटवार
द्वारा कांग्रेस और सपा पर “गिरगिट की तरह रंग बदलने” के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए जय किशन साहू ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े कुछ ऐसे लोग आज भी समिति का हिस्सा हैं, जिन पर पहले मंदिर आंदोलन के विरोध से जुड़े आरोप लगाए जाते रहे हैं। उन्होंने अपने बयान में नृपेन्द्र मिश्रा का भी उल्लेख किया।
हालांकि, जय किशन साहू द्वारा लगाए गए इन आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, उनके भगवान राम ने अखिलेश यादव को सूचना दी वाले बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।



