
महाराष्ट्र के पुणे के वाघोली क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ राधामोहन आश्रम में स्वघोषित ‘गुरु’ और उसके सात साथियों को यौन शोषण और धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस कथित गुरु का नाम राधामोहन मिश्रा (59) है, जो हरियाणा का निवासी है और पिछले आठ वर्षों से पुणे में रह रहा था। वह एक बंगले से आश्रम चलाता था, जिसे उसने स्वयं अपना गुरु पद बताया था।
पुलिस को एक महिला पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने आरोप लगाया कि मिश्रा ने उसकी सेहत और पारिवारिक समस्याओं को सुलझाने के नाम पर धोखा दिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मिश्रा ने उसके साथ शारीरिक शोषण किया, उसे पेशाब पिलाया, बिजली के झटके दिए और उसके ऊपर तलाक का दबाव भी डाला। इस मामले में पीड़िता ने आरोप लगाया कि मिश्रा ने उसके अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड किए हैं।
पुणे क्राइम ब्रांच की टीम ने मंगलवार रात को सिंहगढ़ रोड की रहने वाली इस 41 वर्षीय महिला की शिकायत पर कार्रवाई की। महिला शहर की एक बड़ी कंपनी में काम करती है। पुलिस ने उबालेनगर स्थित बंगले पर छापा मारकर मिश्रा को गिरफ्तार किया। साथ ही, उसके छह महिला सहयोगियों और एक पुरुष सहयोगी कंवल नयन (58) को भी हिरासत में लिया गया है। सभी आरोपियों को शनिवार, 20 जून तक पुलिस की कस्टडी में भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, मिश्रा ने खुद को भगवान का अवतार बताकर लोगों को भ्रमित किया था। उसके आश्रम में आए अनुयायियों को वह यकीन दिलाता था कि वह भगवान का अवतार है। महिला पीड़िता का आरोप है कि मिश्रा ने उसे अपने आश्रम में कई बार शारीरिक शोषण का शिकार बनाया और उसकी चोरी भी कराई, ताकि वह अपने आश्रम को आर्थिक रूप से मजबूत बना सके।
पुलिस ने आश्रम पर छापा मारा और वहां से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नकद 6.5 लाख रुपये, 15 लाख रुपये कीमत के गहने, दवाइयां और नशीले पदार्थ भी बरामद किए। जांच के दौरान 12 लैपटॉप, 11 मोबाइल फोन, 19 हार्ड ड्राइव, पेन ड्राइव और कैसेट भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस अधिकारी का कहना है कि इन सबूतों के आधार पर आगे की जांच जारी है और अभी भी कई और पीड़ित सामने आ सकते हैं। जांच में और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने इन आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है, और आगे की कार्रवाई की जा रही है।



