
शिमला में एक कारोबारी महिला के घर से करोड़ों रुपये के पुश्तैनी आभूषण और नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ दिन पहले WhatsApp कॉल के जरिए एक महिला को घरेलू काम के लिए नौकरानी बनाकर घर भेजा गया था। करीब 10 दिन बाद घर से कीमती सामान गायब हो गया और उसी दिन से नौकरानी भी लापता है।
मामला फिंगास क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़ित कारोबारी महिला रेणू बालजीज के मुताबिक, उनके पास एक कथित कंपनी की ओर से WhatsApp कॉल आई थी। कॉल करने वालों ने घर में काम करने के लिए नौकरानी उपलब्ध कराने की बात कही थी। इसके बाद एक महिला को उनके घर भेजा गया।
पहचान के दस्तावेज मांगने पर टालती रही नौकरानी
पीड़ित महिला का कहना है कि उन्होंने नौकरानी से उसका मोबाइल नंबर और पहचान से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। लेकिन वह हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर दस्तावेज देने से बचती रही।
करीब 10 दिन बाद घर में बड़ी चोरी हो गई। करोड़ों रुपये के पुश्तैनी आभूषण और नकदी गायब मिले। चोरी की जानकारी सामने आने के बाद जब नौकरानी की तलाश की गई तो वह भी घर से गायब मिली।
घर में तीन लोगों को बुलाने का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच में आरोप है कि नौकरानी ने घर में तीन अन्य लोगों को बुलाया था। आरोप है कि इन लोगों ने घर की मालकिन और एक अन्य घरेलू सहायिका को खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया।
इसके बाद दोनों के बेसुध होने का दावा किया गया है। अगली सुबह जब दोनों को होश आया तो घर से कीमती आभूषण और नकदी गायब थी। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद सदर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच
पुलिस ने घटनास्थल से CCTV फुटेज सहित कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं। नौकरानी का अचानक गायब होना और उसके पहचान संबंधी दस्तावेजों का उपलब्ध नहीं होना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
एएसपी गौरवजीत सिंह के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीड़ित महिला से पहले WhatsApp के जरिए नौकर रखने के संबंध में संपर्क किया गया था। पुलिस अब उस कॉल, नौकरानी की पहचान और चोरी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वारदात से पहले घर और परिवार की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई गई थी।
पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घरेलू सहायक, नौकर या श्रमिक को काम पर रखने से पहले उसका पुलिस वेरिफिकेशन जरूर करवाएं। अनजान नंबर से आने वाली WhatsApp कॉल पर तुरंत भरोसा करने से बचें।
अगर कोई व्यक्ति किसी एजेंसी या कंपनी के जरिए घरेलू सहायक उपलब्ध कराने का दावा करता है तो पहले उस एजेंसी की पहचान और विश्वसनीयता की जांच करें। पुलिस का कहना है कि किसी अनजान वेबसाइट या नंबर के जरिए मिलने वाली सेवाओं पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना जरूरी है।



