
गया के बाराचट्टी में रक्षाबंधन के बाद एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत हुई और शव को जंगल में दफना दिया …और पढ़ें
बाराचट्टी थाना क्षेत्र के बुमेर गांव निवासी मेघन सिंह भोक्ता 40 वर्ष की मौत के बाद शव को गांव से करीब आठ किलोमीटर दूर जंगल-झाड़ी के बीच गड्ढा खोदकर दफनाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का दावा है कि गांव के पंचायत में मृतक के बड़े पुत्र ने पिता की हत्या कर शव दफनाने की बात कही थी। हालांकि, पुलिस ने अब तक हत्या अथवा शव को जंगल में दफनाए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जानकारी के अनुसार मेघन सिंह 27 अगस्त को राजपुर थाना क्षेत्र के बाघमरी गांव स्थित अपनी बहन के घर गया था। 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर बहन से राखी बंधवाने के बाद वह घर जाने कि बात कहकर लौट आया। इसके बाद उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार उसकी मौत की जानकारी स्पष्ट रूप से लोगों और रिश्तेदारों को नहीं दी गई, जिससे मामले को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ।
2 सितंबर को पत्नी-पुत्र को थाना लाया गया
ग्रामीणों में चर्चा के बाद 2 सितंबर को गांव वालों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद 112 वाहन से मृतक की पत्नी और पुत्र को थाना लाया गया। पुलिस ने दोनों से पूछताछ की और बाद में छोड़ दिया। थानाध्यक्ष के अनुसार पूछताछ में मृतक की पत्नी ने बीमारी से मौत होने की बात बताई।
गांव वालों के बीच बड़े पुत्र के बयान से बढ़ा संदेह
3 सितंबर को गांव मे इस घटना को लेकर पंचायत हुई। ग्रामीणों का दावा है कि गांव वालों के सामने मृतक के बड़े पुत्र ने पिता की हत्या कर शव जंगल में दफनाने की बात कही। इसके बाद मृतक के भाई नेमधारी सिंह भोक्ता, चलितर सिंह, केशो सिंह, डोमन सिंह, पुत्र पवन कुमार समेत अन्य ग्रामीण बड़े पुत्र के सहयोग से जंगल पहुंचे।
सूचना के बाद भी पुलिस के नहीं पहुंची
ग्रामीणों के अनुसार शव घर लाए जाने के बाद पुलिस को सूचना देकर कानूनी प्रक्रिया के लिए मौके पर बुलाया गया, लेकिन देर रात तक पुलिस नहीं पहुंची। वरीय अधिकारियों को भी इसकी जानकारी देने का दावा किया गया। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे तक पुलिस के नहीं पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद स्वजनों ने दोपहर बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
बीमारी से मौत तो जंगल में दफनाने की जरूरत क्यों?
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि मौत बीमारी से हुई थी तो इसकी जानकारी लोगों से क्यों छिपाई गई? शव को गांव से आठ किलोमीटर दूर जंगल में क्यों ले जाकर दफनाया गया? गड्ढा किसने खोदा और शव को वहां कौन-कौन ले गया? ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
थानाध्यक्ष बोले नहीं मिला लिखित आवेदन
पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अमरेंद्र किशोर ने बताया कि मामले में अब तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने के बाद जांच की जाएगी। फिलहाल हत्या या शव को जंगल में दफनाए जाने की पुलिस स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। पत्नी और पुत्र ने बताया कि वह बीमार थे जिसके कारण उनकी मृत्यु हो गई है।
-1788601346548_v.webp)


