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मायावती का बड़ा एक्शन, आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ बसपा से बाहर निकाला, बोलीं- अब कभी वापसी नहीं होगी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी में बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाया है. उन्होंने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को एक बार फिर पार्टी से निष्कासित कर दिया है. साथ ही ये भी कहा है कि अब दोबारा उन्हें किसी भी कीमत पर पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा.

मायावती का बड़ा एक्शन, आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ बसपा से बाहर निकाला, बोलीं- अब कभी वापसी नहीं होगी

मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि अशोक सिद्धार्थ को तत्काल प्रभाव से पार्टी से बाहर किया गया है और अब भविष्य में उन्हें किसी भी स्थिति में दोबारा BSP में शामिल नहीं किया जाएगा.

आकाश आनंद के ससुर हैं अशोक सिद्धार्थ

अशोक सिद्धार्थ, बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक रह चुके हैं और उनका नाम इसलिए भी चर्चा में रहता है क्योंकि वो बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद के ससुर हैं. बीते साल मायावती ने उनको पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था, हालांकि करीब छह माह बाद आकाश के साथ उनको भी माफ कर दोबारा पार्टी में वापस ले लिया था.

अनुशासनहीनता का आरोप

मायावती ने अपने पोस्ट में बताया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर प्रदेश नेतृत्व के साथ तालमेल न रखने, अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में अशोक सिद्धार्थ को पहले भी पार्टी से निकाला गया था. बाद में इस शर्त पर उन्हें दोबारा मौका दिया गया कि वो भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे. BSP प्रमुख के अनुसार, वापसी के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश की बजाय केवल अन्य राज्यों में संगठन मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई थी.

कई राज्यों से मिली शिकायतें

मायावती ने कहा कि कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत जिन राज्यों की जिम्मेदारी अशोक सिद्धार्थ को दी गई, वहां भी उनके खिलाफ लगातार अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों की अनदेखी की शिकायतें मिलती रहीं. उन्होंने कहा कि कई बार चेतावनी देने के बावजूद सुधार नहीं होने पर शनिवार को उन्हें सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया था.

उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद अशोक सिद्धार्थ की उत्तर प्रदेश में वापसी की अफवाहें फैलाकर पार्टी में भ्रम पैदा करने और 2027 के विधानसभा चुनाव अभियान को प्रभावित करने की कोशिश की गई. इसी कारण उन्हें अब स्थायी रूप से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.

रणधीर सिंह बेनीवाल भी बाहर

मायावती ने अपने पोस्ट में यह भी घोषणा की कि रणधीर सिंह बेनीवाल , जिन्हें पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मूकश्मीर की जिम्मेदारी दी गई थी, उन्हें भी अनुशासनहीनता और पार्टी निर्देशों के उल्लंघन के आरोप में तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.

रामजी गौतम को पंजाब का प्रभार

बसपा प्रमुख ने बताया कि संगठन में हाल ही में किए गए फेरबदल के तहत राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथसाथ पंजाब का प्रभारी बनाया गया है. और वो आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के साथसाथ लोकसभा चुनाव तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे.

इसके साथ ही मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी ने नीतिगत फैसला लिया है कि उत्तर प्रदेश के जो वरिष्ठ पदाधिकारी या कोऑर्डिनेटर अन्य राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में कोई संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी.

कार्यकर्ताओं और मीडिया से अपील

अपने संदेश के अंत में मायावती ने BSP कार्यकर्ताओं से अपील की कि वो पार्टी के खिलाफ भ्रम फैलाने वाले और साजिश रचने वाले तत्वों से सतर्क रहें. इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि वो झूठे और गलत तथ्यों का प्रचार करने से बचे और विरोधी दलों के षड्यंत्र का माध्यम न बने.

इनपुट/ अभिजीत ठाकुर

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