लखनऊ : उत्तर प्रदेश के चुनावी रण से पहले बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती पूरी तरह से एक्शन में आ गई हैं। टिकट बंटवारे से लेकर संगठन तक, ‘बहनजी’ किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। इसी कड़ी में उन्होंने एक ऐसा सख्त और चौंकाने वाला कदम उठाया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। बसपा सुप्रीमो ने अनुशासन का डंडा चलाते हुए आकाश आनंद के ससुर यानी अपने ही समधी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने भतीजे आकाश आनंद की भूमिका को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर भी विराम लगा दिया है।

समधी और कोआर्डिनेटर की छुट्टी, पहले छीने गए थे प्रभार
मायावती ने पार्टी के बड़े नेता और अपने समधी अशोक सिद्धार्थ के साथसाथ बीएसपी कोआर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी तत्काल प्रभाव से बाहर कर दिया है। निष्कासन की इस बड़ी कार्रवाई से ठीक पहले ही इन दोनों नेताओं से उनके प्रभार वापस ले लिए गए थे। अशोक सिद्धार्थ के पास दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे अहम राज्यों की जिम्मेदारी थी, जबकि बेनीवाल पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मूकश्मीर का प्रभार संभाल रहे थे। इन सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करने के बाद, सोशल मीडिया के जरिए इनके निष्कासन का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया।
‘टिकट मैं ही तय करूंगी, आकाश आनंद का इससे कोई लेनादेना नहीं’
सोशल मीडिया पर आकाश आनंद के सियासी कद को लेकर चल रही तमाम बहसों पर भी मायावती ने बेबाकी से जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यूपी विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों का चयन पूरी तरह से उनके ही हाथों में है। मायावती ने खुद लखनऊ कार्यालय में मैराथन बैठकें कर अब तक दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों के नाम पक्के कर दिए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद सिर्फ उन तय किए गए उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करने के लिए जनसभाएं कर रहे हैं। टिकट बांटने में उनकी कोई भूमिका नहीं है और न ही इसे उनके घटते या बढ़ते कद से जोड़कर देखा जाना चाहिए। यह महज एक रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है।
अफवाहों और शरारती तत्वों से सावधान रहने की सख्त हिदायत
बसपा प्रमुख ने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक खबरों से दूर रहने की नसीहत दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद पिछले एक साल से उनके ही दिशानिर्देशों पर पूरे देश में पार्टी संगठन की समीक्षा और जनसभाएं कर रहे हैं। मायावती ने विरोधियों पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि कुछ शरारती और जातिवादी तत्व जानबूझकर पार्टी के भीतर भ्रम पैदा करने के लिए अनापशनाप अफवाहें फैला रहे हैं, जिनमें रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है। ऐसे में पार्टी के हर सिपाही को ऐसे तत्वों से पूरी तरह सतर्क और सावधान रहने की सख्त जरूरत है।



