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बाजार का बादशाह बनेगा मिडिल क्लास! FM ने 2036 के भारत को लेकर की बड़ी भविष्यवाणी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रांस में ‘रेनकॉन्ट्रेस इकोनॉमिक्स डी’एक्सएनप्रोवेंस’ में कहा कि भारत का मध्यम वर्ग विकास का और भी बड़ा इंजन बनने वाला है. उम्मीद है कि 2036 तक भारत में होने वाले कुल खर्च का 93 फीसदी हिस्सा मिडिल क्लास और आगे बढ़ने की चाह रखने वाले कंज्यूमर्स की ओर से आएगा. उन्होंने कहा कि इस ग्रोथ का भौगोलिक आधार भी बदल रहा है.

बाजार का बादशाह बनेगा मिडिल क्लास! FM ने 2036 के भारत को लेकर की बड़ी भविष्यवाणी

लगभग 500 शहर इकोनॉमिक एक्टीविटीज के नए सेंटर्स के रूप में उभरने के लिए तैयार हैं, और कई दूसरी इकोनॉमीज के विपरीत, भारत का मिडिल क्लास केवल मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु या चेन्नई तक ही सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि इसके उलट, वे टियर2 और टियर3 शहरों में भी मौजूद हैं. इसलिए, संपत्ति का डिस्ट्रीब्यूशन वास्तव में महानगरों से परे शहरों तक अपने आप फैलता हुआ दिख रहा है.

भारत में लगातार बढ़ रहा है मिडिल क्लास

सीतारमण ने मिडिल क्लास को “ग्रोथ का केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि ग्रोथ का इंजन” बताया और कहा कि खपत ही इकोनॉमिक एक्टीविटीज के वर्चुअस साइकिल को शुरू करने वाली मुख्य वजह है. आज, भारत की 31 फीसदी आबादी मिडिल क्लास की है और 1995 से इस वर्ग में सालाना 6.3 फीसदी की दर से बढ़ोतरी हुई है. ओईसीडी के अनुमानों के अनुसार, 2030 और 2035 के बीच मिडिल क्लास की आबादी के कुल साइज के मामले में भारत चीन से आगे निकल जाएगा.

मंत्री ने बताया कि कैसे पॉलिसीज के जरिए कम आय वाले समूहों से मिडिल क्लास का विस्तार करने की कोशिश की गई है. पहला कदम 2014 में शुरू किए गए जन धन खातों के माध्यम से फाइनेंशियल इन्क्लूजन था. उन्होंने विश्व बैंक और IMF के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 24.8 करोड़ लोग मल्टीडायमेंशियल पॉवरटी से बाहर निकले हैं, जिनमें से कई लोग इन खातों के माध्यम से औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़े.

रियायती लोन उपलब्ध कराए

उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने सॉवरेनगारंटी वाले रियायती लोन उपलब्ध कराए ताकि बिना गिरवी रखी संपत्ति वाले उधारकर्ता भी छोटे व्यवसाय शुरू कर सकें. उन्होंने कहा कि तब से कई लोगों ने बड़े लोन लिए हैं और अपना क्रेडिट स्कोर बेहतर बनाया है. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर दूसरा मुख्य स्तंभ था. पेमेंट और बैंकिंग सेवाओं को केवल स्मार्टफोन ही नहीं, बल्कि फीचर फोन और क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया गया, जिससे अनौपचारिक व्यवसायों को औपचारिक बनने और उनकी क्रेडिट योग्यता में सुधार करने में मदद मिली.

12 लाख तक टैक्स फ्री इनकम

टैक्सेशन और कल्याणकारी योजनाओं पर बात करते हुए सीतारमण ने कहा कि इनकम टैक्स छूट की सीमा 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 12 लाख रुपए कर दी गई, जिससे परिवारों के पास खर्च करने के लिए अधिक पैसा उपलब्ध हुआ. खपत और छोटे व्यवसायों को समर्थन देने के लिए कई वस्तुओं पर GST की दरों में कटौती की गई. हेल्थ के क्षेत्र में, हर परिवार को कैशलेस स्कीम के तहत सालाना 5 लाख रुपए का इंश्योरेंस कवर मिलता है और सिटीजन्स फार्मेसी से जेनेरिक दवाएं 80 फीसदी तक कम कीमत पर मिलती हैं.

पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बना रही सरकार

स्किल डेवलपमेंट के लिए, सरकार हर जिले में STEM एजुकेशन के लिए लड़कियों के हॉस्टल को फंड दे रही है और ट्रेनिंग के लिए पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बना रही है. साथ ही, सरकार युवाओं को AVGC में भी स्किल्ड बना रही है ताकि वे भारत के फिल्म, OTT और एक्सपोर्ट मार्केट की जरूरतों को पूरा कर सकें. उन्होंने कहा कि रिफॉर्म्स से मिडिल क्लास को मदद मिलती है. और इसीलिए, आज वे भारत की ग्रोथ के इंजन हैं.

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