Chetan Chaudhary Father Statement: महाराष्ट्र के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में हुए पुणे के बिजनेसमैन केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. जहां एक तरफ पुणे ग्रामीण पुलिस इसे हफ्तों से रची गई एक खौफनाक मर्डर मिस्ट्री मान रही है, वहीं दूसरी तरफ इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक, चेतन चौधरी के पिता बाबूलाल चौधरी अपने बेटे के बचाव में उतर आए हैं. बाबूलाल चौधरी ने दावा किया है कि उनका बेटा बिल्कुल बेकसूर है और उसे इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी ने पुलिस थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने बताया कि जब वे पुलिस स्टेशन गए थे, तो चेतन ने उन्हें साफसाफ कहा था कि उसने केतन को घाटी में धक्का नहीं दिया.
बाबूलाल ने दावा किया, ‘चेतन ने मुझे और परिवार को बताया कि जब यह घटना हुई, तब वह काफी दूरी पर खड़ा था. केतन के सबसे करीब दूसरी आरोपी सिया गोयल खड़ी थी.’ हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर सिया पर धक्का देने का आरोप लगाने से परहेज किया और कहा कि वे बस वही बता रहे हैं जो उनके बेटे ने उनसे कहा है. उन्होंने यह भी साफ किया कि वे सिया गोयल को पहले से नहीं जानते थे और उन्होंने उसे पहली बार पुलिस की गाड़ी में ही देखा था.
बिजनेस मीटिंग का बहाना बनाकर निकला था चेतन
पिता के अनुसार, 18 जून चेतन अपनी मां को यह कहकर घर से निकला था कि उसकी एक जरूरी बिजनेस मीटिंग है और वह दोपहर 2 से 3 बजे तक वापस लौट आएगा. बाबूलाल ने अपने बेटे को बेहद सीधा और संस्कारी बताते हुए कहा कि वह रोज दुकान पर आता था और काम में हाथ बटाता था.
उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि जब पुलिस ने रात के वक्त चेतन को हिरासत में लिया, तो उन्हें गुमराह किया गया था. पुलिस ने शुरुआत में इसे पैसों की धोखाधड़ी का मामला बताया था और कहा था कि दो घंटे में छोड़ देंगे, लेकिन अगली सुबह उन्हें पता चला कि चेतन पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस की थ्योरी: बेहद शातिर तरीके से रची गई मर्डर मिस्ट्री
पिता के दावों के उलट, पुणे ग्रामीण पुलिस की जांच इस मामले में किसी थ्रिलर फिल्म जैसी साजिश की ओर इशारा कर रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कोई अचानक हुआ हादसा नहीं बल्कि सिया गोयल और चेतन चौधरी द्वारा हफ्तों से तैयार किया गया एक मर्डर प्लान था.
पुलिस जांच में जो बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, वे इस प्रकार हैं:
- फ्लश कर दिया पासपोर्ट: केतन और सिया का 6 जून को प्रीवेडिंग शूट के लिए बाली जाने का प्लान था. पुलिस का आरोप है कि इस ट्रिप को रद्द कराने के लिए सिया ने जानबूझकर केतन का पासपोर्ट गायब किया और उसे एक फूड मॉल के टॉयलेट में फ्लश कर दिया.
- किले की रेकी: सिया इससे पहले 31 मई को केतन के साथ लोहागढ़ किला गई थी. पुलिस को शक है कि उसने तभी रेकी कर ली थी. इसके बाद उसने दोबारा 4 जून को वहां जाने की जिद की ताकि प्लान को अंतिम रूप दिया जा सके.
- नाकाम कोशिश: पुलिस सूत्रों के अनुसार, 14 जून को भी केतन को मारने की एक कोशिश की गई थी, जो नाकाम रही.
- 18 जून का खौफनाक अंत: आखिरकार 18 जून को केतन को फिर से लोहागढ़ किला ले जाया गया, जहां चेतन चौधरी पहले से ही मौजूद था. पुलिस का आरोप है कि वहां सिया और चेतन ने मिलकर केतन को गहरी घाटी में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई.
फिलहाल, पुणे ग्रामीण पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, जबकि आरोपी के पिता अपने बेटे को बरी कराने की मांग कर रहे हैं.



