Prevention From Dengue: डेंगू एक मच्छरजनित वायरल बुखार है। 2019 में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैश्विक स्वास्थ्य के लिए दस खतरों की पहचान की। इनमें से डेंगू भी एक है। हाल के वर्षों में डेंगू के मामले बढ़ रहें हैं और लद्दाख को छोड़कर, भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में डेंगू के मामले सामने आए हैं। डेंगू संक्रामक एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है और यह रोग के लक्षण संक्रमित मच्छर द्वारा काटे जाने के 56 दिन के बाद शरीर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।

इस जानलेवा मच्छर से बचाव के लिए सभी घरों में Mosquito Repellent, मच्छर पैच,लोशन, स्प्रे, क्वायल व अगरबत्ती जैसी कई चीजों का उपयोग किया जाता है। बाजार में यह कंफर्ट, स्लीपवेल, रिलैक्स, सनरिलैक्स, सुबनित्रा, हंटिंग टाइगर, हाई वोल्टेज, हैप्पी नाइट, डेंगू किलर और हाईपावर जैसे कई नामों से बेचा जाता है।
भारत में ऐसे उत्पादों का बाजार 2000 करोड़ से अधिक का है, जिनमें से 85 फीसदी गैरकानूनी हैं। इनके निर्माण में किसी भी प्रकार की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जाता है। हालांकि ये रेपलेंट कुछ हद तक असर करते हैं।
कैसे काम करते है मच्छर रेपलेंट
मच्छर से बचाने के लिए बनाए जाने वाले प्रोडक्ट्स मच्छर के काटने को कम करने में मदद करके संक्रमण के फैलने के खतरे को कम करते हैं। हांलाकि इस तरह के प्रोडक्ट जोखिम को कम कर सकते हैं, लेकिन जब तक मच्छर के प्रजनन को समाप्त नहीं किया जाता, तब तक डेंगू के प्रकोप को पूरी तरह से नहीं रोका जा सकता है।
Mosquito Repellent से होने वाले नुकसान
इस तरह के उत्पाद का उपयोग यदि लंबे समय तक किया जाए, तो कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। इससे स्किन एलर्जी, तकलीफ, एलर्जी, ड्राईनेस व आंखों की समस्या हो सकती है।
स्कीन संबंधी समस्या
बाजार में उपलब्ध ज्यादातर रेपलेंट्स में DEET नाम का केमिकल होता है। इससे स्कीन रैशेज, रेडनेस व खुजली जैसी परेशानी हो सकती है। सेंसेटिव स्किन वालों को इसके प्रयोग से बचना चाहिए। मच्छरों से बचाव के लिए शरीर में लगाए जाने वाले क्रीम से सूजन, जैसे साइड इफेक्ट्स देखे जाते हैं।
आंख व श्वसन संबंधी समस्या
इन रेपलेंट्स के आंखों के संपर्क में आने से खुजली, रेडनेस व आंखों से पानी आ सकता है। साथ ही लंबे समय तक इसके उपयोग से सांस लेने में दिक्कत व रेस्पिरेटरी सिस्टम को नुकसान हो सकता है। छोटे बच्चों में इससे अस्थमा तक का खतरा हो सकता है।
सुरक्षित उपयोग के सुझाव
- मच्छर से बचाव के लिए ऐसे प्रोडक्ट का चयन करें, जो सभी गाइडलाइन्स को फॉलो करें। कम DEET वाले रेपलेंट्स का यूज करें।
- प्रोडक्ट पर लिखें निर्देशों को पढ़ें और उतनी ही मात्रा में इस्तेमाल करें। अधिक लगाना हमेशा बेहतर नहीं होता।
- इस प्रोडक्ट को लगाकर रातभर शरीर पर न छोड़ें। इससे अच्छे से साफ करके ही साने जाएं।
- किसी भी प्रोडक्ट के इस्तेमाल से पहले इसका पैच टेस्ट जरूर करें।
- साथ ही इसे बच्चों और पालतू जानवरों से दूर रखें।
- यदि मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो खिड़की व दरवाजे खुले रखें। अगरबत्ती को रात भर जलाकर न छोड़ें, कुछ मिनटों के लिए ही इसका प्रयोग करें।



