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National Dengue Day: डेंगू में कब बढ़ जाता है मौत का खतरा? जानें शॉक सिंड्रोम के संकेत

National Dengue Day के मौके पर डेंगू को लेकर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है. डेंगू एक वायरल संक्रमण है, जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है. आमतौर पर इसकी शुरुआत तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी जैसे लक्षणों से होती है. कई मामलों में सही देखभाल और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाता है. हालांकि कुछ लोगों में यह संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है.

National Dengue Day: डेंगू में कब बढ़ जाता है मौत का खतरा? जानें शॉक सिंड्रोम के संकेत
National Dengue Day: डेंगू में कब बढ़ जाता है मौत का खतरा? जानें शॉक सिंड्रोम के संकेत

की गंभीरता केवल प्लेटलेट्स की संख्या से नहीं तय होती, बल्कि शरीर की कुल स्थिति, ब्लड प्रेशर और अंगों के कामकाज की स्थिति भी जरूरी होती है. समय पर पहचान और उपचार से जटिलताओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किन स्थितियों में डेंगू खतरनाक हो सकता है, डेंगू शॉक सिंड्रोम क्या है और इससे बचाव के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

डेंगू में कब बढ़ जाता है मौत का खतरा?

डेंगू में मौत का खतरा तब बढ़ सकता है जब मरीज में गंभीर जटिलताएं विकसित होने लगें. लगातार उल्टी, तेज पेट दर्द, अधिक कमजोरी, सांस लेने में दिक्कत, नाक या मसूड़ों से खून आना और ब्लड प्रेशर कम होना गंभीर संकेत माने जाते हैं. अगर शरीर के अंगों तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुंचता, तो स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है.

कुछ मरीजों में प्लेटलेट्स बहुत कम हो सकती हैं, लेकिन केवल यही खतरे का एकमात्र संकेत नहीं है. ब्लड प्रेशर गिरना, शरीर में तरल की कमी और अंगों की क्षमता प्रभावित होना अधिक गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है. ऐसे मामलों में तुरंत अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू करना जरूरी होता है.

डेंगू शॉक सिंड्रोम क्या है और यह क्यों खतरनाक होता है?

डेंगू शॉक सिंड्रोम एक गंभीर स्थिति है, जिसमें ब्लड वेसल्स से तरल बाहर निकलने लगता है और ब्लड प्रेशर बहुत कम हो सकता है. इससे हार्ट, किडनी और मस्तिष्क जैसे अहम अंगों तक पर्याप्त खून नहीं पहुंच पाता.

अगर समय पर इलाज न मिले, तो यह स्थिति जानलेवा बन सकती है. इसलिए तेज कमजोरी, ठंडे हाथपैर, बेचैनी और चेतना में बदलाव जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

डेंगू से बचाव के लिए क्या करें?

मच्छरों से बचाव करना डेंगू से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है. घर के आसपास पानी जमा न होने दें, पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या रिपेलेंट का उपयोग करें. अगर तेज बुखार आए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें. पर्याप्त पानी, नारियल पानी और तरल पदार्थ लेते रहें तथा बिना सलाह के दवाएं न लें.

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