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ड्रोन उड़ाकर खेतों में करती हैं छिड़काव, नीतू पासवान की बदली जिंदगी, बताईं 50-60 हजार रुपये महीने की कमाई.

ड्रोन उड़ाकर खेतों में करती हैं छिड़काव, नीतू पासवान की बदली जिंदगी, बताईं 50-60 हजार रुपये महीने की कमाई.

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली नीतू पासवान ने ड्रोन के जरिए कृषि क्षेत्र में काम करते हुए अपनी कमाई का जरिया तैयार किया है। मेरौली गांव की रहने वाली नीतू ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना से जुड़ी हैं। उनके मुताबिक, साल 2024 में ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने ड्रोन से खेतों में स्प्रे का काम शुरू किया।

नीतू पासवान का कहना है कि शुरुआत में उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने ड्रोन चलाने और खेतों में इसका इस्तेमाल करने का काम सीख लिया। अब अच्छे सीजन में उनकी कमाई 50 से 60 हजार रुपये महीने तक पहुंच जाती है। उन्होंने सालभर में करीब 5 से 6 लाख रुपये तक कमाई होने की बात भी कही है।

ड्रोन से खेतों में करती हैं कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव

नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि कार्यों के लिए ड्रोन उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इन ड्रोन का इस्तेमाल किसानों के खेतों में तरल उर्वरक और कीटनाशक के छिड़काव जैसी सेवाओं के लिए किया जाता है।

नीतू भी किसानों के खेतों में ड्रोन के जरिए स्प्रे का काम करती हैं। इस तरह ड्रोन उनके लिए सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि आय का एक साधन भी बन गया है।

2024 में ली ट्रेनिंग, फिर शुरू किया काम

नीतू पासवान के मुताबिक, उन्होंने 2024 में ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग ली थी। इसके बाद उन्होंने खेतों में स्प्रे का काम शुरू किया। उन्होंने बताया कि शुरुआत में काम आसान नहीं था, लेकिन समय के साथ उन्हें इसका अनुभव होने लगा।

सरकार की योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को ड्रोन पायलट के तौर पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है। फरवरी 2026 में सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ड्रोन दीदियों को अधिकृत ट्रेनिंग संस्थानों के जरिए ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग दी गई है।

योजना में 80 फीसदी तक केंद्रीय सहायता

नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन पैकेज की लागत का 80 फीसदी तक केंद्रीय वित्तीय सहयोग, अधिकतम 8 लाख रुपये तक, दिया जाता है। बाकी राशि के लिए ऋण की सुविधा का प्रावधान है और उस पर ब्याज में भी सहायता दी जाती है।

केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 2023-24 से 2025-26 की अवधि में 1,261 करोड़ रुपये का परिव्यय मंजूर किया था। योजना का लक्ष्य महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि क्षेत्र में ड्रोन आधारित सेवाएं देने के लिए सक्षम बनाना है।

नीतू ने सरकार के लिए कही ये बात

नीतू पासवान ने अपने अनुभव को साझा करते हुए प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की योजनाओं से महिलाओं को आगे बढ़ने और आर्थिक रूप से मजबूत होने का मौका मिल रहा है।

उन्होंने अपने बयान में योगी सरकार के योगदान की भी सराहना की और इसे महिलाओं के लिए मददगार बताया। यह नीतू पासवान का व्यक्तिगत अनुभव और उनके द्वारा दिया गया बयान है।

15 हजार ड्रोन देने का लक्ष्य

नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को कुल 15,000 ड्रोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। सरकार के अनुसार, योजना के जरिए महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के साथ-साथ ड्रोन सेवाओं के माध्यम से अतिरिक्त आजीविका का अवसर उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।

नीतू पासवान की कहानी इसी योजना के तहत ड्रोन ट्रेनिंग और कृषि सेवाओं से जुड़ी महिलाओं की बदलती आजीविका की एक मिसाल के तौर पर सामने आई है।

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