केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के सख्त तेवर एक बार फिर साफ कर दिए हैं. राजस्थान के नागौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए पड़ोसी देश पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया. राजनाथ ने कहा कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर चल रहा है और उकसाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.

मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री ने बताया कि यह ऑपरेशन भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच अभूतपूर्व तालमेल का परिणाम था. उन्होंने कहा, 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक हुई, 2019 में बालाकोट और अब 2025 में ऑपरेशन सिंदूर. हमारी तीनों सेनाओं ने जिस तरह सटीक प्रहार किया, उसने दुनिया को भारत की नई सैन्य क्षमता दिखा दी है.
हमले का जवाब घर में घुसकर दिया जाएगा
राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में निर्दोषों की हत्या का जवाब देने के लिए भारत ने सीमा की परवाह नहीं की. अब कोई भी सीमा भारत को अपने नागरिकों की रक्षा करने से नहीं रोक सकती.हमने बता दिया है कि अब भारत चुप रहने वाला देश नहीं है, हमले का जवाब दुश्मन के घर में घुसकर दिया जाएगा और कोई सीमा हमें रोक नहीं सकती.
ऑपरेशन सिंदूर को एक वर्ष पूरा हुआ है। जब पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादियों ने निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया, तब पूरा देश आक्रोशित हुआ। इसके बाद भारत ने करारा जवाब दिया और दुश्मन के होश उड़ा दिए।
हमने स्पष्ट कर दिया है कि अब भारत चुप रहने वाला देश नहीं है, हमले का जवाब दुश्मन pic.twitter.com/eAChgUilRK
— Rajnath Singh May 14, 2026
तीनों सेनाओं का ‘मल्टीडोमेन’ प्रहार
ऑपरेशन सिंदूर भारत की नई युद्ध रणनीति का हिस्सा था, जिसमें ड्रोन, लंबी दूरी की मिसाइलों और एडवांस सर्विलांस का इस्तेमाल किया गया. राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत किसी को पहले नहीं छेड़ता लेकिन अगर कोई आंख उठाएगा तो उसे निर्णायक जवाब मिलेगा.
आतंकवाद पर कड़े प्रहार के साथसाथ राजनाथ सिंह ने अनुशासन का भी उदाहरण पेश किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने और पर्यावरण सुरक्षा की अपील के बाद, रक्षा मंत्री ने अपने सरकारी काफिले को आधा करने का फैसला किया है. पश्चिम एशिया के तनाव के बीच ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है.



