
हरिद्वार: उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की बेटी दीपिका राठौड़ ने उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपिका का दावा है कि उर्मिला लंबे समय से उनके परिवार को परेशान कर रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि रविदास पीठ अपने नाम कराने और पांच करोड़ रुपये नकद देने की मांग की गई थी। मांग पूरी नहीं करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
दीपिका के मुताबिक, उन्होंने इस मामले में पुलिस से शिकायत की थी, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए उर्मिला सनावर को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
रविदास पीठ और पांच करोड़ रुपये को लेकर विवाद का दावा
दीपिका राठौड़ ने आरोप लगाया कि 24 अक्टूबर को उर्मिला सनावर ने उन्हें फोन किया था। बातचीत के दौरान कथित तौर पर उनसे कहा गया कि वह अपने पिता से रविदास पीठ उनके नाम कराने के लिए कहें और पांच करोड़ रुपये नकद भी दिलवाएं।
दीपिका का दावा है कि इन मांगों को पूरा नहीं करने पर उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। उन्होंने इसे रंगदारी और ब्लैकमेलिंग का मामला बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की।
पुलिस कार्रवाई पर दीपिका ने क्या कहा?
दीपिका राठौड़ ने उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताया। उनके अनुसार, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से कदम उठाया और उर्मिला सनावर को गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाओं में किसी भी व्यक्ति को शिकायत करने पर न्याय मिलना चाहिए और आरोप सही पाए जाने पर कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
पुराने मामलों का भी किया जिक्र
दीपिका ने अपने आरोपों के समर्थन में उर्मिला सनावर से जुड़े पुराने विवादों और मुकदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उर्मिला के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। हालांकि, इन मामलों की प्रकृति और वर्तमान प्रकरण से उनका संबंध अलग-अलग जांच का विषय है।
उर्मिला सनावर का नाम इससे पहले अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े घटनाक्रम के संदर्भ में भी चर्चा में रहा है।
अब जांच और अदालत की प्रक्रिया पर नजर
फिलहाल इस मामले में दीपिका राठौड़ की ओर से लगाए गए आरोपों, कथित मांगों और धमकी से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में कौन-कौन से आरोप प्रमाणित होते हैं और आगे कानूनी कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।
सत्य रिपोर्ट डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और शिकायतकर्ता के आरोपों पर आधारित है। आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाएगा।



