
थेनी, तमिलनाडु: तमिलनाडु के थेनी जिला जेल से 17 विचाराधीन कैदियों के फरार होने के मामले ने पुलिस और जेल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। घटना के बाद चार कैदियों को दोबारा पकड़ लिया गया, जबकि बाकी 13 की तलाश के लिए अभियान पड़ोसी राज्य केरल के जंगलों तक पहुंच गया है। इस दौरान जेल कर्मचारियों पर हमले में तीन लोगों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
तमिलनाडु और केरल पुलिस संयुक्त रूप से फरार कैदियों की तलाश कर रही हैं। वहीं, राज्य के पुलिस महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल ने सभी फरार कैदियों के पकड़े जाने के बाद घटना की विस्तृत जांच कराने की बात कही है।
जेल कर्मचारियों पर हमले के बाद फरार हुए कैदी
रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार देर रात थेनी जिला जेल में बंद 17 विचाराधीन कैदियों ने जेल कर्मचारियों पर हमला किया और वहां से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तलाश अभियान शुरू किया।
मंगलवार को चार कैदियों को दोबारा हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, बाकी 13 कैदियों का पता लगाने के लिए पुलिस को व्यापक स्तर पर कार्रवाई करनी पड़ रही है। फरार कैदियों की तस्वीरें दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ साझा की गई हैं, ताकि उनकी पहचान करने और संभावित ठिकानों का पता लगाने में मदद मिल सके।
पकड़े गए कैदियों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारियों का इस्तेमाल भी बाकी आरोपियों की तलाश में किया जा रहा है। हालांकि, चारों को कहां से पकड़ा गया, इसकी विस्तृत जानकारी अधिकारियों ने साझा नहीं की है।
केरल के जंगलों में भी तलाशी अभियान
फरार कैदियों की तलाश अब तमिलनाडु की सीमाओं से आगे बढ़कर केरल के इडुक्की जिले के जंगलों तक पहुंच गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, केरल पुलिस को सतर्क कर दिया गया है और सीमावर्ती इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
पश्चिमी घाट के जंगलों और दोनों राज्यों को जोड़ने वाले रास्तों पर विशेष नजर रखी जा रही है। पुलिस की टीमें आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रही हैं, ताकि फरार कैदियों की संभावित आवाजाही का पता लगाया जा सके।
दक्षिण क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक के मुताबिक, केरल के वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी गई है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर सभी फरार कैदियों को पकड़ना है।
हमले में तीन जेल कर्मचारी घायल
इस घटना में तीन जेल कर्मचारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें ग्रेड-II कांस्टेबल थंगापांडी भी शामिल हैं, जिन्हें उपचार के लिए थेनी सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया।
दो अन्य कर्मचारियों का भी इलाज किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, उनकी चोटों की गंभीरता और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।
DGP ने जांच को लेकर क्या कहा?
तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक महेश कुमार अग्रवाल ने कहा है कि सभी फरार कैदियों के दोबारा हिरासत में आने के बाद घटना की विस्तृत जांच की जाएगी।
जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कैदी किन परिस्थितियों में जेल से भागने में सफल हुए, कर्मचारियों पर हमला कैसे हुआ और सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई थी या नहीं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही घटना के सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एक साथ 17 विचाराधीन कैदियों का जेल से फरार होना सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और किसी संभावित लापरवाही की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
फिलहाल तमिलनाडु और केरल पुलिस की टीमें बाकी 13 कैदियों की तलाश में जुटी हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि फरार कैदी कब तक पकड़े जाते हैं और जांच में जेल की सुरक्षा से जुड़े कौन-से तथ्य सामने आते हैं।
Satya Report नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। फरार कैदियों की तलाश और घटना की जांच से जुड़े नए तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होने पर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।



