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लखनऊ, उत्तर प्रदेश: केमिकल से​​​​​ भरा टैंकर पलटते ही मची अफरा-तफरी, कई गांवों में आंखों में जलन और सांस लेने की शिकायत

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: केमिकल से​​​​​ भरा टैंकर पलटते ही मची अफरा-तफरी, कई गांवों में आंखों में जलन और सांस लेने की शिकायत

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: राजधानी के बख्शी का तालाब (बीकेटी) क्षेत्र में केमिकल से भरा टैंकर पलटने के बाद आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। सोमवार रात आउटर रिंग रोड पर मानपुर बाना गांव के सामने टैंकर का टायर फटने से यह हादसा हुआ। टैंकर से फॉर्मेल्डिहाइड लिक्विड सड़क पर फैल गया, जिसके बाद आसपास के लोगों ने आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में परेशानी की शिकायत की।

स्थिति को देखते हुए पुलिस और राहत टीमों ने प्रभावित क्षेत्र में घेराबंदी की और यातायात को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट कर दिया।

10 से अधिक गांवों तक पहुंचा असर

रिपोर्ट के मुताबिक, केमिकल रिसाव का असर बीकेटी कस्बे के अलावा मानपुर बाना, अकोहरी, विजयपुर, नगवा मऊ, दुर्जनपुर और गाजीपुर समेत 10 से अधिक गांवों में महसूस किया गया। आसपास के हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों सहित बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए।

घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर बीकेटी चौराहे और महिला थाने के आसपास भी लोगों ने घुटन, खांसी और आंखों में जलन की शिकायत की। एहतियात के तौर पर आसपास की दुकानों को खाली कराया गया और इलाके में लोगों की आवाजाही रोक दी गई।

SDRF, NDRF और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर यातायात का मार्ग बदला गया।

रिपोर्ट के अनुसार, टैंकर संडीला स्थित एक केमिकल फैक्टरी से लिक्विड लेकर निकला था। हादसे के बाद चालक मौके से चला गया, जबकि घायल हेल्पर अस्पताल पहुंचा। पुलिस दोनों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।

केमिकल को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू

बताया गया कि सड़क पर फैले केमिकल को सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली गई। फैक्टरी मालिक मनु गुप्ता भी मौके पर पहुंचे और लिक्विड को पतला करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। इसके बाद सड़क पर फैले पदार्थ को हटाने और उसका असर कम करने के लिए कार्रवाई की गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, केमिकल को सड़क किनारे बनी खंती की ओर बहाकर उस पर मिट्टी डाली गई। रात करीब 12 बजे के बाद स्थिति सामान्य होने पर यातायात बहाल कर दिया गया। हालांकि, केमिकल के सुरक्षित निपटान और आसपास के क्षेत्र पर उसके प्रभाव की पुष्टि संबंधित अधिकारियों की जांच से ही हो सकेगी।

अस्पताल में इमरजेंसी व्यवस्था, देर रात तक मरीज नहीं पहुंचे

संभावित स्वास्थ्य जोखिम को देखते हुए बीकेटी क्षेत्र के रामसागर मिश्रा अस्पताल में डॉक्टरों और प्रशिक्षित पैरामेडिकल कर्मचारियों को अलर्ट पर रखा गया। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी वहां पहुंचे।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जरूरी दवाओं और मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था की गई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, देर रात तक केमिकल से प्रभावित कोई मरीज इमरजेंसी में नहीं पहुंचा था।

Satya Report नोट: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। केमिकल रिसाव के वास्तविक प्रभाव और उसके सुरक्षित निपटान की स्थिति की पुष्टि संबंधित प्रशासनिक एवं विशेषज्ञ जांच से होनी बाकी है।

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