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कर्नाटक की राजनीति में नया मोड़, डीके शिवकुमार की रणनीति से बीजेपी सतर्क; विधायकों को मंदिर में दिलाई जाएगी कसम..

कर्नाटक की राजनीति में नया मोड़, डीके शिवकुमार की रणनीति से बीजेपी सतर्क; विधायकों को मंदिर में दिलाई जाएगी कसम..

डीके शिवकुमार के खेल से बीजेपी इस तरह सहम गई है कि पार्टी अपने विधायकों को मंदिर ले जाकर कसम खिलाने की तैयारी कर रही है.

कर्नाटक की राजनीति में क्रॉस वोटिंग का विवाद अब मंदिर तक पहुंच गया है. वहां मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खेल से बीजेपी इस तरह सहम गई है कि पार्टी अपने विधायकों को मंदिर ले जाकर कसम खिलाने की तैयारी कर रही है. दरअसल कर्नाटक में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि हालिया विधान परिषद चुनाव में बीजेपी के कुछ विधायकों ने कांग्रेस के पक्ष में वोट डाला, जिसे लेकर पार्टी नेतृत्व ने सख्त रुख अपनाया है. कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने ऐलान किया है कि पार्टी की अगली विधायक दल की बैठक प्रसिद्ध धर्मस्थल मंदिर में आयोजित की जाएगी, जहां सभी विधायकों को भगवान मंजूनाथ के समक्ष अपनी निष्ठा साबित करनी होगी.

बीजेपी का आरोप है कि हाल में हुए विधान परिषद चुनाव में उसके तीन विधायकों ने पार्टी व्हिप की अनदेखी करते हुए कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया. चूंकि मतदान गुप्त था, इसलिए आधिकारिक तौर पर किसी का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी नेतृत्व इसे गंभीर विश्वासघात मान रहा है. मामले की जांच के लिए एमएलसी सीटी रवि की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी भी बनाई गई है.

हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि इस घटना ने उन्हें गहरा झटका दिया है. उन्होंने दावा किया कि क्रॉस वोटिंग की खबर मिलने के बाद उनकी नींद उड़ गई और वह रात तीन बजे तक जागते रहे. विजयेंद्र ने कहा कि पार्टी के कुछ विधायकों ने किसी कारण से कांग्रेस का साथ दिया, जो बेहद चौंकाने वाला है. जनता के सामने सच लाना बीजेपी की जिम्मेदारी है.

इसी मकसद से उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक से आग्रह किया है कि अगली विधायक दल की बैठक दक्षिण कन्नड़ जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल धर्मस्थल में बुलाई जाए. वहां बीजेपी के सभी 63 विधायक भगवान मंजूनाथ के समक्ष अपनी बात रखेंगे. विजयेंद्र का कहना है कि अगर किसी विधायक ने क्रॉस वोटिंग नहीं की है तो उसे सच साबित करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए.

बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि कांग्रेस सरकार और उसके रणनीतिकार इस घटनाक्रम के जरिए पार्टी में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं. राजनीतिक गलियारों में इसे उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि बीजेपी अभी तक किसी विधायक का नाम सार्वजनिक नहीं कर पाई है, क्योंकि मतदान गुप्त तरीके से हुआ था.

विजयेंद्र ने क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी ‘मां समान पार्टी’ के साथ विश्वासघात किया है. उन्होंने कहा कि यदि संबंधित विधायक निर्दोष हैं तो उन्हें मंदिर में जाकर भगवान के सामने सच बोलने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.

हालांकि बीजेपी के भीतर ही इस फैसले को लेकर मतभेद सामने आने लगे हैं. वरिष्ठ विधायक एस. सुरेश कुमार ने धर्मस्थल जैसे धार्मिक स्थल को राजनीतिक विवादों में घसीटे जाने पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि धार्मिक संस्थानों को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए.

फिलहाल क्रॉस वोटिंग का सच क्या है, यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा. लेकिन इतना तय है कि इस विवाद ने कर्नाटक बीजेपी में अंदरूनी असहजता बढ़ा दी है और पार्टी अब अपने विधायकों की एकजुटता साबित करने के लिए धार्मिक आस्था का सहारा लेती नजर आ रही है.

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