चंडीगढ़.

पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी हैंडलर बने शाहजाद भट्टी के नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से सात उत्तरी राज्यों की बैठक में भट्टी के नेटवर्क और उसके जरिए उत्तर भारत में आतंकी गतिविधियां फैलाने की आशंका पर विशेष चर्चा हुई।
पंजाब और उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनावों के दौरान भट्टी का गिरोह सांप्रदायिक तनाव भड़काकर कानूनव्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है। एनआईए व सात राज्यों के पुलिस महानिदेशक संगठित अपराध, अंतरराज्यीय गैंग नेटवर्क और आतंकवादीगैंगस्टर गठजोड़ से निपटने के लिए एनआईए इस तरह की समन्वय बैठक आयोजित कर रही है। बैठक में सीमा पार से हथियार, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस और मादक पदार्थों की बढ़ती तस्करी पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई उत्तर भारत में अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए गैंगस्टरों का इस्तेमाल कर रही है। विशेष सत्र में शाहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क की कार्यप्रणाली और उसके सहयोगियों की गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि भट्टी इंटरनेट मीडिया और एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का इस्तेमाल कर भारत के युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ता है।
जाने कैसे चल रहा नेटवर्क
- फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए पहले युवाओं से संपर्क किया जाता है।
- इसके बाद निजी संदेशों के माध्यम से बातचीत बढ़ाई जाती है।
- फिर वीडियो कॉल के जरिए उन्हें सीधे भट्टी से जोड़ने की कोशिश की जाती है।
एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क को आईएसआई से जुड़े आबिद जट्ट, अजमल गुजर और यावर खान जैसे हैंडलरों का समर्थन प्राप्त है। हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भट्टी के सात सहयोगियों को विभिन्न राज्यों से भारी मात्रा में हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार भट्टी के नेटवर्क से जुड़े लोगों को उगाही, लक्षित हत्याएं, ग्रेनेड हमले और पुलिस प्रतिष्ठानों पर हमलों जैसे कार्य सौंपे जाते रहे हैं।
बड़ी वारदातों में आया शाहजाद का नाम
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार शाहजाद भट्टी का नाम उत्तर भारत की कई बड़ी वारदातों में सामने आया है। उसे जालंधर के यूट्यूबर रोजर संधू के घर पर वर्ष 2025 में हुए ग्रेनेड हमले का मास्टरमाइंड बताया गया है। इसके अलावा अंबाला के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन में आईईडी कार बम विस्फोट और हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ पुलिस स्टेशन पर बाबर खालसा इंटरनेशनल के साथ मिलकर किए गए ग्रेनेड हमले के मामलों में भी उसका नाम जांच में सामने आया है।
राज्यों के बीच खुफिया सूचनाओं के तेजी से आदानप्रदान, संयुक्त कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत करने और राज्य की सीमाओं से परे सक्रिय गैंगस्टर सिंडिकेट के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की रणनीति पर सहमति बनी। अधिकारियों का मानना है कि आतंकवादी और गैंग्स्टर नेटवर्क के बीच बढ़ते गठजोड़ को देखते हुए केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय ही ऐसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम होगा।



