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ज्यादा ही नहीं, कम नमक: भी हो सकता है खतरा! डॉक्टर से जानें बॉडी में सॉल्ट की कमी के लक्षण

ज्यादा ही नहीं, कम नमक: भी हो सकता है खतरा! डॉक्टर से जानें बॉडी में सॉल्ट की कमी के लक्षण

अधिकांश लोग हाई ब्लड प्रेशर के डर से नमक कम खाने की सलाह देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर में नमक (सोडियम) का स्तर जरूरत से ज्यादा गिरना भी बेहद खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है? डॉक्टरों के मुताबिक मेडिकल भाषा में इसे हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) कहा जाता है। जब खून में सोडियम का स्तर कम होता है, तो यह दिमाग और शरीर की कोशिकाओं में सूजन पैदा कर सकता है, जिससे शरीर के अंग प्रभावित होने लगते हैं। अगर समय रहते इसके संकेतों को न पहचाना जाए, तो स्थिति गंभीर रूप ले सकती है

आकाश हेल्थकेयर के सीनियर कंसल्टेंट-इंटरनल मेडिसिन डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा ने बताया नमक सोडियम का एक प्रमुख स्रोत है। यह सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने वाला पदार्थ नहीं है, बल्कि शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने, नसों के सही तरीके से काम करने और मांसपेशियों की गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हमें अक्सर सोडियम का सेवन कम करने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह शरीर के लिए जरूरी खनिज है, जिसे हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता। शरीर में सोडियम का स्तर संतुलित रखने और अतिरिक्त सोडियम को किडनी के जरिए बाहर निकालने की प्राकृतिक व्यवस्था होती है।

खासकर गर्म मौसम में, ज्यादा पसीना आने, एक्सरसाइज करने या शरीर से अधिक मात्रा में तरल पदार्थ निकलने पर शरीर को सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि सोडियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की भी जरूरत पड़ सकती है। डॉ. सिन्हा के अनुसार, सोडियम शरीर में ब्लड वॉल्यूम बनाए रखने, ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने, नसों के जरिए संकेतों के संचार और मांसपेशियों के सिकुड़ने के लिए जरूरी है।

डॉ. सिन्हा बताते हैं कि लंबे समय तक सोडियम का सेवन बहुत कम रहने पर अचानक मीठा खाने की इच्छा, ब्लड प्रेशर कम होना और शरीर के तरल पदार्थों को कंट्रोल करने में किडनी की क्षमता प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय के साथ इससे शरीर के हार्मोनल सिस्टम पर दबाव पड़ सकता है। इनमें रेनिन-एंजियोटेंसिन-एल्डोस्टेरोन सिस्टम भी शामिल है, जो शरीर में सोडियम को बचाकर रखने में मदद करता है।

बॉडी में सॉल्ट की कमी के लक्षण?

डॉ. सिन्हा के मुताबिक, नमक की मात्रा अचानक और बहुत ज्यादा कम करने पर शरीर में कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं। सोडियम नसों तक संकेत पहुंचाने और मांसपेशियों के संकुचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सोडियम का स्तर तेजी से कम होने पर ब्लड प्रेशर गिर सकता है, जिससे मस्तिष्क तक ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है और बॉडी में कुछ समस्याएं भी हो सकती हैं जैसे चक्कर आना, सिर हल्का लगना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

वयस्कों के लिए रोजाना कितना नमक लेना है जरूरी

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के सीनियर कंसल्टेंट-इंटरनल मेडिसिन डॉ. राकेश गुप्ता के अनुसार, वयस्कों के लिए रोजाना सोडियम की आदर्श मात्रा लगभग 1,500 से 2,300 मिलीग्राम के बीच हो सकती है। इसकी ज्यादातर मात्रा नमक से मिलती है। हालांकि, प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड के अधिक सेवन के कारण लोग अक्सर जरूरत से ज्यादा सोडियम ले लेते हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी हेल्थ प्रोब्लम का जोखिम बढ़ सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) रोजाना 2,000 मिलीग्राम नमक का सेवन करने की सलाह देता है, जबकि अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन बेहतर हार्ट हेल्थ के लिए 1,500 मिलीग्राम तक सोडियम लेने की सलाह देता है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, गंभीर मामलों में लंबे समय तक सोडियम की कमी से हाइपोनेट्रेमिया हो सकता है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें खून में सोडियम का स्तर खतरनाक रूप से कम हो जाता है। इससे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है और भ्रम, कमजोरी, शारीरिक क्षमता में कमी और व्यायाम या शारीरिक गतिविधि के दौरान प्रदर्शन प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बॉडी में नमक का स्तर कम होने पर क्या करना चाहिए?

डॉ. सिन्हा ने बताया नमक के सेवन पर कंट्रोल रखना बेहद जरूरी है। लोगों को प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड से मिलने वाले अतिरिक्त सोडियम पर कंट्रोल करना चाहिए, इन फूड्स से बॉडी में जरुरत से ज्यादा सोडियम पहुंचता है। डॉक्टर ने बताया घर के बने नॉर्मल खाने से मिलने वाले नेचुरल सोडियम को पूरी तरह खत्म करने की जरूरत नहीं है। डॉ. सिन्हा ने बताया शरीर को सोडियम की जरूरत मौसम, शारीरिक गतिविधि और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। लगातार थकान, चक्कर आना या मांसपेशियों में ऐंठन जैसे संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है। जिन लोगों को ब्लड प्रेशर या किडनी से जुड़ी समस्या है, उन्हें नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही नमक का सेवन कितनी मात्रा में करना है ये तय करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और विशेषज्ञों की राय के आधार पर तैयार किया गया है। सोडियम या नमक का सेवन व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और जरूरत के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। हाई ब्लड प्रेशर, किडनी या हृदय संबंधी समस्या होने पर नमक की मात्रा में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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