
प्रशांत सक्सेना, लखनऊ, अमृत विचार : लखनऊ विकास प्राधिकरण की हरियाली से शहर को कितनी ऑक्सीजन मिली और कितना कार्बन उत्सर्जन कम हुआ यह सब एक क्लिक में पोर्टल बताएगा। इसके लिए प्राधिकरण एक एप विकसित कर रहा है। जिसमें अपने पार्क, ग्रीन बेल्ट, आवासीय योजनाएं, पाथवे, डिवाइडर आदि साइटों पर लगे नये व पुराने पेड़पौधों की फीडिंग की जाएगी।
एप में इन पेड़पौधों से मिलने वाली ऑक्सीजन को प्रदर्शित करेगा। पर्यावरण के बचाव में इन पेड़पौधों से कितना कार्बन उत्सर्जन कम हुआ यह भी पता चलेगा। साथ ही एप से पौधरोपण की मॉनीटरिंग, उनका संरक्षण और गिनती करना आसान होगा। इसे प्राधिकरण के साथ थर्ड पार्टी भी चेक कर सकेगी। पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा के लिए यह बड़ा कदम साबित होगा। नई और हाईटेक व्यवस्था शुरू करने का मकसद पर्यावरण में प्राधिकरण का कितना सहयोग है पता करना है।
हर साल योजनाओं में लगते लाखों पौधे
एलडीए द्वारा पौधरोपण अभियान के दौरान नई व पुरानी योजनाएं, छोटेबड़े पार्क, फॉरेस्ट सिटी, डिवाइडर, सड़क किनारे लाखों पौधे लगाए जाते हैं। अभियान के अलावा भी प्राधिकरण समयसमय पर लाखों पेड़पौधे लगाता है। इनके रोपण, संरक्षण, देखरेख में लाखों रुपये खर्च होते हैं। सड़क व हाईवे के विकास में आए सैकड़ों पेड़ न काटकर उनका दूसरी जगह प्रत्यारोपण होता है। अब इन सभी की साइट वार फीडिंग से हकीकत पता चलेगी।
इन मुख्य साइटाें पर लगे पेड़पौधे
जनेश्वर मिश्र समेत 40 प्रमुख बड़े पार्क
सीजी सिटी, अनंत नगर योजना
उर्मिला, सौमित्र वन, सिटी फारेस्ट
शहीद पथ व आयुर्वेद पार्क
विस्तार की आवासीय योजनाएं
जैव विविधता पार्क
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