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अब नहीं बिकेंगे घटिया: टेम्पर्ड ग्लास? सरकार ने तय किए नए नियम, 1 अप्रैल 2027 से बदल जाएगा बाजार.

अब नहीं बिकेंगे घटिया: टेम्पर्ड ग्लास? सरकार ने तय किए नए नियम, 1 अप्रैल 2027 से बदल जाएगा बाजार.

अगर आप नया स्मार्टफोन खरीदने के बाद तुरंत उस पर Tempered Glass या Screen Protector लगवाते हैं, तो आने वाले समय में आपको इनकी क्वालिटी को लेकर ज्यादा भरोसा मिल सकता है। केंद्र सरकार ने स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर्स को अनिवार्य गुणवत्ता मानकों के दायरे में लाने का फैसला किया है। नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे।

इसका मकसद बाजार में बिकने वाले स्क्रीन प्रोटेक्टर्स की गुणवत्ता को बेहतर करना और ग्राहकों को प्रोडक्ट से जुड़ी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मौजूदा समय में बाजार में मौजूद सभी स्क्रीन गार्ड तुरंत प्रतिबंधित हो जाएंगे।

स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए तय हुआ नया स्टैंडर्ड

सरकार की ओर से जारी आदेश के तहत “Screen Protectors for Smartphones” को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन व्यवस्था के दायरे में शामिल किया गया है। इसके लिए IS 19348:2025 स्टैंडर्ड का पालन करना होगा।

नियम लागू होने के बाद स्मार्टफोन स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने वाली कंपनियों को तय गुणवत्ता मानकों के अनुसार अपने उत्पाद तैयार करने होंगे।

टेम्पर्ड ग्लास की मजबूती और क्वालिटी पर ध्यान

नए मानकों में स्क्रीन प्रोटेक्टर की मजबूती और कांच की गुणवत्ता से जुड़े नियम शामिल हैं। यानी सिर्फ सस्ता कांच लगाकर स्क्रीन प्रोटेक्टर तैयार करना पर्याप्त नहीं होगा।

स्क्रीन प्रोटेक्टर की संरचना और उसके इस्तेमाल के दौरान सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप रखना होगा।

फोन की स्क्रीन की क्लैरिटी भी रहेगी महत्वपूर्ण

कई बार खराब क्वालिटी का स्क्रीन गार्ड लगाने के बाद फोन की स्क्रीन पहले जैसी साफ दिखाई नहीं देती। रंगों में अंतर महसूस हो सकता है या डिस्प्ले की रोशनी और स्पष्टता प्रभावित हो सकती है।

नए मानकों में light transmission और स्क्रीन प्रोटेक्टर में दिखाई देने वाली खामियों से जुड़े मानक भी शामिल हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्क्रीन प्रोटेक्टर लगाने के बाद डिस्प्ले की दृश्य गुणवत्ता अनावश्यक रूप से प्रभावित न हो।

Adhesive और Privacy Glass के लिए भी मानक

नए स्टैंडर्ड में सिर्फ सामान्य Tempered Glass ही शामिल नहीं है। अलग-अलग तरह के स्क्रीन प्रोटेक्टर में इस्तेमाल होने वाली adhesive layer, anti-shatter film, oleophobic coating, anti-glare, blue-light filtering और privacy film जैसी सुविधाओं से जुड़ी जरूरतें भी शामिल हैं।

इससे Privacy Glass और Anti-Glare जैसे प्रोडक्ट खरीदने वाले ग्राहकों को भी उत्पाद की गुणवत्ता के बारे में ज्यादा स्पष्ट जानकारी मिल सकती है।

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