
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शिक्षण संस्थानों के नाम बदलने की प्रक्रिया में अब मेरठ के एक कॉलेज का नाम भी शामिल हो गया है। मेरठ की मवाना तहसील के फलावदा कस्बे में स्थित जनता पीजी कॉलेज अब चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज के नाम से जाना जाएगा। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ की कार्यपरिषद की संस्तुति के आधार पर शासन ने नाम परिवर्तन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर ली है।
विश्वविद्यालय की संस्तुति के बाद बदला नाम
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने जनता पीजी कॉलेज का नाम बदलने के प्रस्ताव पर विचार करने के बाद इसकी संस्तुति शासन को भेजी थी। इसके बाद शासन स्तर पर निर्धारित नियमों के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई।
अब फलावदा स्थित यह शिक्षण संस्थान चौधरी चरण सिंह पीजी कॉलेज के नाम से जाना जाएगा।
महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कॉलेज के नाम परिवर्तन को महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह का देश और उत्तर प्रदेश के सामाजिक, शैक्षिक और कृषि क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके नाम से शिक्षण संस्थान जुड़ने से विद्यार्थियों को उनके विचारों, संघर्ष और योगदान को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
शासन ने नियमानुसार पूरी की प्रक्रिया
मंत्री के मुताबिक, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय ने कॉलेज का नाम बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद ने प्रस्ताव पर विचार करने के बाद नाम परिवर्तन की संस्तुति की। इसके बाद शासन स्तर पर नियमानुसार जरूरी प्रक्रिया पूरी की गई।
उच्च शिक्षा संस्थानों की पहचान मजबूत करने पर जोर
प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और रोजगारपरक बनाने के साथसाथ उनकी पहचान और शैक्षिक वातावरण को मजबूत करने पर भी काम कर रही है। इसी दिशा में शिक्षण संस्थानों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
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