Ola Electric Q1 Results: इलेक्ट्रिक टूव्हीलर बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी ओला इलेक्ट्रिक ने वित्त वर्ष 2026 की पहली यानी जून तिमाही के अपने वित्तीय नतीजों की घोषणा कर दी है. शेयर बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए इन आंकड़ों में कंपनी के प्रदर्शन में बड़ा सुधार देखने को मिला है. एक तरफ जहां कंपनी का घाटा कम हुआ है, वहीं दूसरी तरफ ईस्कूटर्स की डिलीवरी में भी भारी उछाल दर्ज किया गया है.

घाटे में आई बड़ी गिरावट, रेवेन्यू में भी दिखा सुधार
आंकड़ों के मुताबिक, जून तिमाही में ओला इलेक्ट्रिक का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस घटकर 336 करोड़ रुपये रह गया है. एक साल पहले की समान अवधि यानी पिछले साल की जून तिमाही में कंपनी को 428 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था. वहीं अगर सालाना आधार पर रेवेन्यू की बात करें, तो यह 45 फीसदी घटकर 455 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी दौरान 828 करोड़ रुपये था.
मार्च तिमाही के मुकाबले दिखी जबरदस्त रिकवरी
सालाना आंकड़ों से हटकर अगर तिमाहीदरतिमाही आधार पर देखें, तो कंपनी ने शानदार वापसी की है. मार्च तिमाही में ओला का रेवेन्यू केवल 265 करोड़ रुपये था, जिसके मुकाबले जून तिमाही में यह 72 फीसदी बढ़कर 455 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. घाटे के मोर्चे पर भी राहत मिली है. मार्च तिमाही में कंपनी को 500 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ था, जो अब घटकर 336 करोड़ रुपये रह गया है.
गाड़ियों की डिलीवरी हुई दोगुनी, हिस्सेदारी में भी उछाल
ग्राहकों की मांग और बिक्री के लिहाज से यह तिमाही ओला के लिए बेहद सकारात्मक रही. जून तिमाही के दौरान कंपनी ने 39,192 व्हीकल्स की डिलीवरी की, जो मार्च तिमाही के मुकाबले लगभग दोगुनी है. इस दौरान गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन में 97 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि पूरे इलेक्ट्रिक टूव्हीलर मार्केट की ग्रोथ केवल 17 फीसदी रही. इस प्रदर्शन के दम पर ओला इलेक्ट्रिक की बाजार हिस्सेदारी मार्च तिमाही के 5.1 फीसदी से बढ़कर जून तिमाही में 8.4 फीसदी पर पहुंच गई है.
AI तकनीक से मिला फायदा
कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, पिछले साल लागू किए गए आंतरिक बदलावों का असर अब नतीजों में साफ दिख रहा है. सेल्स, रजिस्ट्रेशन, सर्विस और बैटरी आरएंडडी जैसे विभागों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रक्रियाओं को अपनाने से लागत कम करने में मदद मिली है. इसके चलते कंपनी का ऑपरेटिंग एक्सपेंस मार्च के 428 करोड़ रुपये से घटकर जून तिमाही में 333 करोड़ रुपये पर आ गया. ग्रॉस मार्जिन भी सुधरकर 30.5 फीसदी हो गया है. इसके अलावा, क्वालिफायड इंस्टीट्यूशन प्लेसमेंट से 780 करोड़ रुपये जुटाने से बैलेंसशीट को अतिरिक्त मजबूती मिली है.
शेयर का क्या है हाल
7 अगस्त को नतीजों के ऐलान से पहले ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 0.89 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 41.07 रुपये पर बंद हुआ था. हालांकि, पिछले तीन महीनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस शेयर ने निवेशकों को 17 फीसदी का रिटर्न दिया है. चूंकि नतीजे बाजार बंद होने के बाद घोषित किए गए हैं, इसलिए सोमवार 10 अगस्त को बाजार खुलने पर इसके शेयरों की चाल पर इन सकारात्मक आंकड़ों का असर देखने को मिल सकता है.



