
घर में शादी की तैयारियां पूरी थीं। मेहमान पहुंच चुके थे, मंडप सज चुका था और दुल्हन शादी के जोड़े में तैयार होकर बारात का इंतजार कर रही थी। लेकिन जैसे-जैसे रात बढ़ती गई, बारात नहीं आई। आखिरकार जब दूल्हे के परिवार से संपर्क किया गया तो ऐसी वजह सामने आई, जिसे सुनकर लड़की पक्ष के पैरों तले जमीन खिसक गई।
शादी की तारीख तय होते ही शुरू हो गई थीं तैयारियां
मेरठ के लिसाड़ी गेट इलाके में रहने वाली युवती की शादी एक युवक से तय हुई थी। दोनों परिवारों की सहमति के बाद शादी की तारीख रखी गई और घर में तैयारियां शुरू हो गईं।
रिश्ता तय होने के दौरान दूल्हे के परिवार की ओर से कुछ मांगें रखे जाने की बात सामने आई थी। लड़की पक्ष ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए अपनी क्षमता के मुताबिक रकम देने की बात कही थी।
परिवार का कहना है कि उन्होंने मंगनी और शादी की तैयारियों में पहले ही काफी पैसा खर्च कर दिया था। इसके बावजूद उन्हें उम्मीद थी कि शादी बिना किसी परेशानी के संपन्न हो जाएगी।
दुल्हन सजकर बैठी रही, लेकिन बारात नहीं पहुंची
शादी वाले दिन घर में मेहमानों की भीड़ थी। रिश्तेदार बारात के स्वागत की तैयारी में जुटे थे। खाना तैयार था और मंडप भी सज चुका था।
दुल्हन हाथों में मेहंदी और शादी का जोड़ा पहने अपने होने वाले पति का इंतजार कर रही थी। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी बारात नहीं पहुंची।
शुरुआत में लड़की पक्ष को लगा कि शायद बारात आने में देर हो रही है। परिवार की ओर से दूल्हे के घरवालों से संपर्क किया गया, लेकिन बातचीत के दौरान मामला अचानक बिगड़ गया।
गाड़ी की मांग को लेकर अटक गई शादी
आरोप है कि दूल्हे के परिवार ने शादी से ठीक पहले बाइक की मांग रख दी। कथित तौर पर कहा गया कि जब तक बाइक नहीं दी जाएगी, बारात लेकर नहीं आएंगे।
लड़की पक्ष ने अपनी मजबूरी बताई तो कथित तौर पर दूसरी बाइक देने की बात कही गई। लेकिन लड़की के परिवार के लिए अचानक इतनी बड़ी मांग पूरी करना संभव नहीं था।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और बारात लाने को लेकर सहमति नहीं बन सकी।
रात तक बारात का इंतजार करती रही दुल्हन
समय गुजरता गया और रात करीब 10 बजे तक भी बारात नहीं पहुंची। घर में शादी की खुशियों की जगह मायूसी छा गई।
दुल्हन के परिवार ने दोबारा दूल्हे पक्ष से संपर्क किया। आरोप है कि फोन पर साफ कर दिया गया कि वाहन की मांग पूरी हुए बिना शादी नहीं होगी।
जिस घर में कुछ घंटे पहले तक गीत-संगीत और मेहमानों की चहल-पहल थी, वहां अचानक सन्नाटा पसर गया।
परिवार ने पुलिस को दी सूचना
मामला बिगड़ने के बाद लड़की पक्ष ने पुलिस की मदद लेने का फैसला किया। परिवार ने आपातकालीन नंबर पर सूचना दी।
पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से मामले की लिखित शिकायत थाने में देने को कहा। इसके बाद परिवार ने दूल्हे पक्ष की मांग और बारात नहीं आने की पूरी घटना को लेकर शिकायत करने की तैयारी शुरू की।
शादी से ज्यादा भारी पड़ गई मांग
इस घटना ने एक बार फिर शादी में दहेज और महंगी चीजों की मांग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस रिश्ते की शुरुआत शादी के सपनों से हुई थी, वह विवाह के दिन ही वाहन की कथित मांग को लेकर टूटने की कगार पर पहुंच गया।
फिलहाल मामले में लड़की पक्ष की शिकायत और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों परिवारों के बीच क्या बातचीत हुई थी और शादी टूटने की वास्तविक वजह क्या रही।



