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Pati Patni Aur Woh Do Review: शादी, शक और कॉमेडी… जानें कैसी है आयुष्मान खुराना-सारा अली खान की ‘पति पत्नी और वो दो’

फिल्म: पति पत्नी और वो दो
कलाकार: आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, वामिका गब्बी, रकुल प्रीत सिंह, विजय राज और आयशा राज
लेखक: मुदस्सर अजीज
निर्देशक: मुदस्सर अजीज
निर्माता: भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जूनो चोपड़ा और रेणु रवि चोपड़ा
रेटिंग: 2.5/5

Pati Patni Aur Woh Do Review: शादी, शक और कॉमेडी… जानें कैसी है आयुष्मान खुराना-सारा अली खान की ‘पति पत्नी और वो दो’
Pati Patni Aur Woh Do Review: शादी, शक और कॉमेडी… जानें कैसी है आयुष्मान खुराना-सारा अली खान की ‘पति पत्नी और वो दो’

बहुत सी फिल्में ऐसी होती हैं, जिनका ट्रेलर देख कर लोगों के मन में उसे देखने की उत्सुकता बढ़ जाती है, तो कुछ को लेकर मन में सवाल खड़े होने लगते हैं। आयुष्मान खुराना, सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह स्टारर फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ भी कुछ ऐसी ही निकली। इसका ट्रेलर देखने के बाद मन में शादीशुदा आदमी के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से जुड़े कई तरह के सवाल उठे, लेकिन जब रिलीज हुई तो कहानी कुछ और ही निकली। ऐसे में अगर आप भी यह मूवी देखने का प्लान कर रहे हैं, तो चलिए हम आपको इसका रिव्यू बताते हैं।

क्या है ‘पति पत्नी और वो दो’ कहानी

फिल्म की कहानी प्रयागराज के फॉरेस्ट ऑफिसर प्रजापति पांडे से शुरू होती है। उसकी शादी टीवी रिपोर्टर अपर्णा से हो रखी है। अपर्णा की खास दोस्त और प्रजापति पांडे की वन विभाग में सहकर्मी नीलोफर है। एक दिन प्रजापति अपने ऑफिस में बैठे होते हैं, तभी उनकी कॉलेज की दोस्त चंचल कुमारी अचानक उनसे मिलने आती है।

जब काफी परेशान होती है, क्योंकि वह अपने बॉयफ्रेंड से शादी करना चाहती है, लेकिन इसमें थोड़ी मुश्किलें आती है। किसी ने उसके बॉयफ्रेंड के साथ उसकी एक तस्वीर जिसमें उसका चेहरा छुपा होता है वह लीक कर दी। इसके बाद चंचल की मुसीबत बढ़ जाती है और इसी के लिए मदद लेने वह प्रजापति पांडे के पास आती है। इसके बाद फिल्म में आखिर तक बस गलतफहमियों देखने को मिलती है।

कैसा है स्टार्स का अभिनय

सबसे पहले बात करें आयुष्मान खुराना के अभिनय की, तो वह फिल्म में अपने पुराने किरदारों की तरह ही एक्सप्रेशंस देते हुए नजर आए। कई जगह पर उनका अभिनय थोड़ा ओवर लगता है। हां, एकदो जगह ऐसी है जब उनके किसी डायलॉग को सुनकर और अदाकारी देखकर लोगों को हंसी आ सकती है। सारा अली खान का एक्टिंग भी फिल्म में बहुत ज्यादा ओवरएक्टिंग ही लगती है। इसके अलावा रकुल प्रीत का अभिनय भी कुछ खास नहीं रहा। लास्ट में बात करें, वामिका की तो उनके कुछ सीन में आपको थोड़ी बहुत गंभीरता दिखाई दे सकती है। बाकी एक्टिंग तो उनकी भी ऐसी ही है।

कैसा है फिल्म निर्देशन और स्क्रीनप्ले

डायरेक्टर मुदस्सर अजीज ने अपनी कहानी और निर्देशन के जरिए लोगों को बांध के रखने की काफी कोशिश की, लेकिन शायद वह सफल नहीं हो पाए। पहला भाग काफी स्लो है और जरूरत से ज्यादा गलतफहमी से भरा हुआ है। इसके बाद दूसरे पार्ट को देख कर भी ऐसा लगा कि इसे भी बस खींचा ही जा रहा है। क्योंकि लगभग आपको फिल्म देख कर अगले ही पल समझ आ जाएगा कि आगे क्या होने वाला है।

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